राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को चुनौती देने वाले की जान पर खतरा, कोर्ट ने केंद्र से कहा- सुरक्षा दो
कोर्ट ने माना याची को खतरा वास्तविक है
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “प्रथम दृष्टया हम इस बात से संतुष्ट हैं कि मामले में विचार की जरूरत है. याची ने एक अत्यंत शक्तिशाली व्यक्ति के खिलाफ मुकदमे कर रखे हैं और उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं. हाईकोर्ट ने यह भी स्वीकार किया कि याची को रोज खतरे का सामना करना पड़ रहा है, और वह मुकदमों की पैरवी कर पाने की स्थिति में नहीं है. इसलिए उसे संरक्षण दिया जाना आवश्यक है.
एस. विग्नेश शिशिर ने 2024 में राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर CBI में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच बाद में एंटी करप्शन विंग को ट्रांसफर कर दी गई. याची के मुताबिक, वह कई बार जांच एजेंसी के सामने पेश हो चुका है और दस्तावेज़ सौंप चुका है.
ब्रिटिश पासपोर्ट और कंपनी के दस्तावेज पेश
विग्नेश शिशिर ने कोर्ट को बताया कि उसे इस वर्ष के दूसरे हफ्ते में यूनाइटेड किंगडम से राहुल गांधी के ब्रिटिश पासपोर्ट की कॉपी मिली है. इसके साथ ही, 30 अगस्त 2003 को इनकॉरपोरेट की गई कंपनी “BackOps” के दस्तावेज भी हैं, जिनमें राहुल गांधी ने स्वयं को ब्रिटिश नागरिक और कंपनी का डायरेक्टर बताया है. दस्तावेजों में उनका पता 2, फ्रांगल वे, लंदन अंकित है.
26 जुलाई 2025 को विग्नेश शिशिर ने रायबरेली पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की. इसके बाद 19 अगस्त को पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर जांच अधिकारी के सामने हाज़िर होने को कहा. इस संदर्भ में याची ने बताया कि उन्हें पेशी के लिए बार-बार बुलाया जा रहा है और साथ ही धमकियों का भी सामना करना पड़ रहा है.
प्रियंका गांधी के खिलाफ भी की शिकायत
याची केवल राहुल गांधी तक ही सीमित नहीं हैं. उन्होंने वायनाड उपचुनाव के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा की उम्मीदवारी के खिलाफ भी आपत्ति जताई थी, हालांकि उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. विग्नेश शिशिर ने अब प्रियंका गांधी के सांसद चुने जाने के खिलाफ भी याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है.
सरकार ने मांगा जवाब देने का समय, अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को
केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में पेश वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, लेकिन साथ ही यह स्वीकार किया कि याची को धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2025 को होगी.