लोकसभा में राहुल पर टूट पड़ा सत्तापक्ष तो ढाल बने अखिलेश, फिर गठबंधन में कहां फंसा पेच

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लोकसभा में राहुल पर टूट पड़ा सत्तापक्ष तो ढाल बने अखिलेश, फिर गठबंधन में कहां फंसा पेच


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UP Chunav SP-Congress alliance: पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुश्किल में फंस गए. उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह पर डायरेक्ट आरोप लगाया कि उन्हीं के आदेश पर आंदोलनकारी छात्रों पर पैलेट गन से फायरिंग की गई. इसपर पूरा सत्तापक्ष उनपर हत्थे से उखड़ पड़ा. वे राहुल गांधी की माफी पर अड़ गए. ऐसी स्थिति में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव उनके लिए ढाल बनते दिखे. पिछले कुछ समय से कई मौकों पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जुगलबंदी देखने को मिली है. लेकिन सवाल उठता है कि आखिर इतना मेलजोल होने के बाद भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन क्यों नहीं फाइनल हो पा रहा है.

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लोकसभा में बुधवार को एक बार फिर से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लिए ढाल बनते दिखे.

लखनऊ/नई दिल्ली: लोकसभा में पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि गृहमंत्री अमित शाह के आदेश पर आंदोलन कर रहे GEN-Z छात्रों पर पैलेट गन से फायरिंग की गई. राहुल गांधी की ओर से यह आरोप लगाते ही पूरा सत्तापक्ष हत्थे से उखड़ पड़ा. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू अपनी सीट से उठे और कहा कि राहुल गांधी बिना तथ्य के इतना गंभीर आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष इतने आत्मविश्वास के साथ लोकसभा के अंदर कोई आरोप लगा रहे हैं तो इसका सबूत दें. साथ ही राहुल गांधी को गंभीरता से अपनी बात रखने की नसीहत देते हुए माफी मांगने को कहा. इसके अलावा रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोप को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग करने लगे. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नसीहत देने लगे.

राहुल के लिए ढाल बनकर आए अखिलेश

इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सदन में राहुल गांधी के लिए ढाल बनकर अपनी सीट से उठे. कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष कोई गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो सरकार की जिम्मेवारी है कि वह जांच कराए कि किसने छात्रों पर पैलेट गन से फायरिंग करने की इजाजत दी इसकी जांच होनी चाहिए. इसपर मंत्री रिजिजू ने कहा कि अखिलेश जी आप बिल्कुल अलग बात कर रहे हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष सीधे तौर पर नाम लेकर गृहमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं. हालांकि राहुल गांधी ने भी माफी मांगने या अपने शब्द वापस लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

प्रदर्शन में भी राहुल के साथ दिखे थे अखिलेश यादव

इससे पहले जब राहुल गांधी पेपर लीक के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे तब भी अखिलेश यादव प्रमुखता से उनका साथ देते दिखे थे. इसके अलावा संसद में पिछले सप्ताह जब भी राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ पेपर लीक के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने पहुंचे तब-तब अखिलेश यादव उनका साथ देते दिखे. इससे भी पीछे जाएं तो इंडिया गठबंधन की बैठक में भी राहुल और अखिलेश के बीच में काफी बातें होती दिखी थी.

यूपी के लड़कों में इतनी दोस्ती, फिर गठबंधन फाइनल क्यों नहीं?

2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने गठबंधन में उतरे थे और खुद को यूपी के दो लड़के कहलाए थे. तब तो खास सफलता नहीं मिली, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने मिलकर ना केवल उत्तर प्रदेश में 43 सीटें जीती बल्कि बीजेपी को 240 सीटों पर रोकने में अहम रोल निभाया.

2027 में भी माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन में ही उतरेगी, लेकिन इसपर सस्पेंस गहराता जा रहा है. पहले कांग्रेस की तरफ से उनके यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम सपा से 200 सीटों की डिमांड कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सहरानपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद 2024 की सफलता का श्रेय अखिलेश यादव के बजाय राहुल गांधी को देते दिखे. जवाब में सपा की तरफ से भी कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले हुए.

हालांकि इन सबके बीच कई मौकों पर राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव की जुगलबंदी देखकर लोगों को लग रहा था कि सपा-कांग्रेस गठबंधन तय है, लेकिन अब इसमें असमंजस जैसे हालात दिख रहे हैं. पहले अखिलेश यादव ने कांग्रेस की ओर से मांगी जा रही 200 सीटों के दावों पर कहा कि सीट शेयरिंग केवल जीत को ध्यान में रखकर किया जाएगा.

अब अखिलेश यादव ने दोनों पार्टियों के गठबंधन को लेकर कहा कि वह संसद में कांग्रेस के साथ हैं, विधानसभा चुनाव अभी काफी दूर है.

सपा अध्यक्ष का यह बयान आने के बाद एक फिर से चर्चा शुरू हो गई है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच लुगाछिपी का खेल जारी है. दोनों दल गठबंधन को लेकर पहले आप पहले आपके खेल में व्यस्त हैं. पार्टी के नेता बयानबाजी के जरिए सियासी सरगर्मी बढ़ा रहे हैं.

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Abhishek Kumar

अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एड‍िटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …

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