वो चेहरे, जिनके माथे पर चंदा चोरी का कलंक, कमाई ढेलाभर, लेकिन घर से मिल रहा खजाना
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अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टीनू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के घरों से भारी मात्रा में कीमती आभूषण, प्रॉपर्टी के कागजात और कैश बरामद हुए हैं. टीनू यादव के घर से लग्जरी होम अप्लायंसेज और महंगे फोन्स के बिल भी मिले हैं. इस बीच, पुलिस सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 14 दिनों की ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजने की तैयारी कर रही है.
अनुकल्प मिश्रा: दान में मिले कैश को गिनने के लिए जिम्मेदार इस कर्मचारी को पुलिस ने गबन का मुख्य मास्टरमाइंड बताया है. यह इस मामले में गिरफ्तार होने वाले पहले व्यक्ति थे. पुलिस कार्रवाई के दौरान अयोध्या के कौशलपुरी स्थित इनके आवास से कथित तौर पर लगभग 20 लाख रुपये की भारी नकदी बरामद की गई थी.

सुभाष श्रीवास्तव: ये केनरा बैंक के एक रिटायर्ड कर्मचारी हैं, जो बैंकिंग सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े थे. ट्रस्ट में इन्हें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की रकम की गिनती की देखरेख की मुख्य जिम्मेदारी दी गई थी.

करुणेश पांडे: ये आरोपी भी सीधे तौर पर राम मंदिर के दानपात्र से निकलने वाले पैसों और चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे. जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि करुणेश पांडे इस पूरे गबन कांड के कथित मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्रा के बेहद करीबी सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे.
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रमाशंकर मिश्रा: ये भी दान की रकम को गिनने और उसका हिसाब रखने वाले स्टाफ में शामिल थे. गबन मामले की एफआईआर दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने इनके ठिकानों पर दबिश दी, तो जांच और तलाशी के दौरान इनके पास से चोरी की गई कैश राशि बरामद की गई थी.

लवकुश मिश्रा: ये मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा के सगे साले हैं. इन्हें इनके ससुर रवींद्र मिश्रा (अनुकल्प के पिता) द्वारा मंदिर परिसर में काम पर रखवाया गया था. दान चोरी सिंडिकेट में इनकी संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने इनके घर पर छापेमारी कर लगभग 10 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं.

मनीष यादव: ये आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के सगे भतीजे हैं, जिन्हें टिन्नू ने लगभग चार-पांच महीने पहले दानपात्र प्रबंधन के काम पर लगवाया था. पुलिस और जांच एजेंसियों ने हाल ही में इनके पैतृक और स्थानीय ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध रूप से दबाकर रखा गया कैश बरामद किया है. पुलिस की सघन तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के घरों से भारी मात्रा में वैल्युएबल (कीमती) चीजें हाथ लगी हैं. बरामद किए गए सामानों में सोने-चांदी के आभूषण (ज्वेलरी), बेनामी संपत्तियों और निवेश से जुड़े प्रपत्र (प्रॉपर्टी के कागजात) और कुछ नकद राशि (कैश) शामिल हैं. विशेष रूप से आरोपी टीनू यादव के घर से कई महंगे लग्जरी होम अप्लायंसेज, ब्रांडेड इलेक्ट्रॉनिक्स और महंगे लग्जरी मोबाइल फोनों के बिल पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं

अविनाश शुक्ला: अयोध्या के स्थानीय निवासी अविनाश शुक्ला राम मंदिर में चढ़ावे और दान के पैसों की गिनती करने वाली कोर टीम में शामिल थे. मामले का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने इनके वित्तीय लेन-देन खंगाले और बताया कि इनके बैंक अकाउंट से लगभग 500,000 रुपये की अवैध राशि बरामद की गई है. लोगों का कहना है कि अगर पुलिस को छापेमारी के दौरान करोड़ों की बेनामी संपत्ति, कैश या सोना बरामद हुआ है, तो उसे केवल दावों में न रखकर तुरंत मीडिया के सामने लाइव लाकर सार्वजनिक रूप से दिखाना चाहिए.