शारदा की तबाही का मंजर, गांव की महिला ने बताया आंखों देखा मंजर
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Lakhimpur Kheri News: यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में शारदा की तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है. मकान भी नदी में समा रहे हैं, जिसका वीडियो भी सामने आया था. वहीं दूसरी ओर लगातार ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, लेकिन कटान को लेकर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में शारदा की तबाही का मंजर लगातार जारी है. पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण नदियों का जल स्तर बढ़ गया है. नदियों का जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ तराई क्षेत्र के रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं. वहीं जैसे ही जलस्तर कम होता है. वैसे ही शारदा नदी का कटान तेज हो जाता है, देखते ही देखते कृषि युक्त जमीन नदी में समा रही है. वहीं मकान भी नदी में समा रहे हैं, जिसका वीडियो भी सामने आया था. वहीं दूसरी ओर लगातार ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, लेकिन कटान को लेकर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रंट नंबर 12 गांव में शारदा की तबाही लगातार जारी है. अगर बात की जाए तो इस गांव की कुल आबादी करीब 2200 थी, लेकिन पिछले वर्ष आई बाढ़ के कारण करीब 200 मकान नदी में समा गए थे. वहीं दूसरी ओर अब एक बार फिर शारदा नदी तबाही मचाना शुरू कर दिया है. शारदा नदी का कटान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. वहीं नदी में मकान समा रहे हैं. जिम्मेदार अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं.
कभी भी नदी में समा सकता है मकान
शारदा की तबाही के कारण लोगों में आक्रोश देखने को मिला. ग्राउंड पर पहुंची लोकल 18 की टीम ने गांव की महिला राजेश्वरी ने बातचीत करते हुए बताया कि शारदा का कटान पिछले वर्ष से लगातार जारी है. इस वर्ष 15 दिन से रुक-रुक के कटान हो रहा है. वहीं एक मकान भी नदी में समा गया है और किसानों की हजारों एकड़ जमीन भी शारदा नदी में कट गई है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है.
राजेश्वरी बताती हैं कि मेरा मकान बिल्कुल नदी के किनारे आ गया है. किसी दिन भी मकान नदी में समा सकता है और कुछ दिन बाद अस्तित्व भी समाप्त हो सकता है. प्रशासन की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. जिन लोगों के पिछले वर्ष मकान नदी में समा गए थे, वह लोग आज भी बंधें पर झोपड़ी डालकर जीवन यापन करने को मजबूर हैं.
क्या विधानसभा चुनाव में पड़ेगा असर?
वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव है, ऐसे में राजेश्वरी बताती हैं कि क्षेत्रीय विधायक कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. इस बार हम भी लोग कोई ध्यान नहीं देंगे. जो हमारी मदद करेगा, हम उस पर हम अपना विश्वास जताएंगे. कहीं ना कहीं लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. लगातार कटान होने के कारण मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें