सावधान! अगर आपका भी है दो जगह वोट, तो होगी जेल, यहां 14 डुप्लीकेट वोटर पकड़े गए

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सावधान! अगर आपका भी है दो जगह वोट, तो होगी जेल, यहां 14 डुप्लीकेट वोटर पकड़े गए


Moradabad Duplicate Voters: यदि आप भी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में रहते हैं और चुनाव में धांधली या चालाकी करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. जिला प्रशासन ने फर्जी और डुप्लीकेट वोट बनवाने वाले शातिरों के खिलाफ एक ऐसा तगड़ा एक्शन लिया है. मतदान में फर्जीवाड़ा करने वाले 14 लोगों को प्रशासन ने रंगे हाथों दबोच लिया है. उनके खिलाफ सीधे थाने में मुकदमा ठोक दिया है. जिलाधिकारी की इस औचक और सख्त कार्रवाई से पूरे मुरादाबाद में हड़कंप मच गया है.

पूरा मामला मुरादाबाद जिले का है, जहां जिला प्रशासन मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और बिना किसी गलतियों के बनाने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चला रहा है. इसी जांच के दौरान प्रशासनिक टीम के सामने एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जिले के 14 ऐसे शातिर मतदाता चिन्हित किए गए, जिनका वोट पहले से ही मतदाता सूची में एक निश्चित स्थान पर दर्ज था. इसके बावजूद, इन लोगों ने चालाकी दिखाते हुए दूसरी जगह से नया वोट बनवाने के लिए ‘फॉर्म 6’ भर दिया.

फॉर्म-6 में गेम

इतना ही नहीं, इन आरोपियों ने फॉर्म 6 में बाकायदा यह झूठी घोषणा (डिक्लेरेशन) भी की कि ‘हमारा पहले से कहीं भी कोई वोट दर्ज नहीं है और हम पहली बार अपना नया वोट जुड़वा रहे हैं.’ जिला प्रशासन की मुस्तैद जांच टीम ने जब डेटा का मिलान किया, तो इन सभी 14 लोगों की पोल खुल गई और वे जालसाजी करते हुए पकड़े गए.

जेल जाने के लिए तैयार रहें

इस कार्रवाई के बाद मुरादाबाद के जिलाधिकारी (DM) राजेंद्र पेंसिया ने मीडिया से मुखातिब होते हुए पूरे मामले की विस्तार से जानकारी दी. डीएम ने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार का दोहराव या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने मीडिया को बताया कि:

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मुरादाबाद जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 22 लाख 16 हजार हो गई है. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल 4,500 नए वोट मतदाता सूची में जोड़े गए हैं. इसी दौरान जब हमारी टीम ने गहनता से जांच की, तो 14 ऐसे लोग सामने आए जिन्होंने जानबूझकर झूठ बोलकर दूसरा वोट बनवाने का प्रयास किया.

डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि पकड़े गए सभी 14 आरोपियों के खिलाफ आरपी एक्ट (Representation of the People Act) 1950 की धारा 31 के तहत एफआईआर (मुकदमा) दर्ज करा दी गई है. इस धारा के तहत चुनाव प्रक्रिया में झूठी घोषणा करने वाले को जेल की हवा खानी पड़ सकती है.

क्या है प्रशासन की गाइडलाइन?
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और न ही कोई गैर-कानूनी कदम उठाएं.

दोबारा वोट न बनवाएं: यदि आपका वोट पहले से ही किसी विधानसभा या पोलिंग बूथ पर बना हुआ है, तो किसी भी स्थिति में नया वोट बनवाने के लिए आवेदन न करें.

स्थानांतरण (Shift) कराएं: यदि आप अपना निवास स्थान बदल चुके हैं, तो नया वोट बनवाने के बजाय नियमानुसार अपने पुराने वोट को नए पते पर ट्रांसफर करवाने की प्रक्रिया पूरी करें.

कानूनी कार्रवाई: एक से अधिक स्थान पर वैध पहचान पत्र या वोट रखना कानूनन अपराध है और पकड़े जाने पर सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा.



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