हादसे रोकने के लिए बनाए जा रहे हैं अंडरपास, अगले साल हो जाएंगे तैयार

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हादसे रोकने के लिए बनाए जा रहे हैं अंडरपास, अगले साल हो जाएंगे तैयार


नई दिल्ली. कुशीनगर में आज केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने पांच अंडरपास की नींव रखी. ये अंडरपास बाघनाथ, केन यूनियन चौक, फाज़िलनगर, सलेमगढ़ और पथेरिया में बनाए जाएंगे. इस मौके पर उत्तर प्रदेश की ग्रामीण विकास मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, कुशीनगर के सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक मोहन वर्मा, डॉ. असीम कुमार, सुरेंद्र कुमार कुशवाहा और एमएलसी डॉ. रतन पाल सिंह भी मौजूद थे. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए.

इन अंडरपास का मकसद सड़कों पर भीड़ कम करना और दुर्घटनाओं को रोकना है. इनकी कुल लागत 111 करोड़ रुपये है और इन्हें 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है.  मल्होत्रा ने कहा कि ये अंडरपास सड़क सुरक्षा बढ़ाएंगे, क्षेत्र के विकास में मदद करेंगे और लोगों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाएंगे. उन्होंने कहा कि ये अंडरपास यातायात की समस्याओं को कम करेंगे, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी. साथ ही, लोगों का सफर सुरक्षित होगा, समय और ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा.

मल्होत्रा ने कहा कि 2014 में राष्ट्रीय राजमार्ग 91,287 किमी थे, जो अब बढ़कर 1,46,195 किमी हो गए हैं. उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 4,300 किमी से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं, जिससे यह देश का दूसरा सबसे बड़ा राजमार्ग वाला राज्य बन गया है. मंत्री ने कुशीनगर में बन रहे 75 किमी लंबे गोरखपुर रिंग रोड का भी निरीक्षण किया. इसकी लागत 1,780 करोड़ रुपये है. उन्होंने अधिकारियों को इसके बचे हुए 26 किमी हिस्से को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.

मल्होत्रा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश की एनएचएआई परियोजनाओं की समीक्षा की.  अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में रिंग रोड बनने से यातायात की समस्याओं में कमी आएगी. उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचा आर्थिक विकास, व्यापार और जीवन की गुणवत्ता के लिए आवश्यक है. भारत ने पिछले 10 सालों में बुनियादी ढांचे में बहुत प्रगति की है. एक रुपये के निवेश से अर्थव्यवस्था में 3.2 रुपये का लाभ होता है. 2014 में चार या अधिक लेन वाले राजमार्ग 18,371 किमी थे, जो 2024 में बढ़कर 48,422 किमी हो गए. राजमार्ग निर्माण की गति भी 12.1 किमी प्रतिदिन से बढ़कर 33.8 किमी प्रतिदिन हो गई है.



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