10 देश, 1000 लोग… करोड़ों की ठगी करने वाले रविंद्र नाथ सोनी की बढ़ी मुश्किलें
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Kanpur cyber fraud news: ऑनलाइन निवेश और क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी रविंद्र नाथ सोनी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. कोतवाली पुलिस ने मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में करीब 2500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने देश के अलग-अलग राज्यों समेत करीब 10 देशों के 1000 से अधिक लोगों को निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की.
विदेशों में कराया जा रहा है साइबर फ्रॉड
कानपुरः उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर ऑनलाइन निवेश और क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी रविंद्र नाथ सोनी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. कोतवाली पुलिस ने मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में करीब 2500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने देश के अलग-अलग राज्यों समेत करीब 10 देशों के 1000 से अधिक लोगों को निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की.
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और हाई रिटर्न स्कीम में निवेश कराने का झांसा देता था. शुरुआत में कुछ लोगों को मुनाफा देकर भरोसा बनाया जाता था, जिसके बाद बड़ी रकम निवेश करवाई जाती थी. रकम जमा होने के बाद आरोपी लोगों से संपर्क तोड़ देता था.
15 करोड़ से अधिक है आरोपी की संपत्ति
पुलिस ने चार्जशीट में आरोपी के व्हाट्सएप चैट, क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट, बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल डेटा और डिजिटल साक्ष्यों को शामिल किया है. जांच एजेंसियों को आरोपी और उसके नेटवर्क से जुड़े कई बैंक खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन मिले हैं. पुलिस के अनुसार आरोपी की करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का भी पता चला है, जिनमें प्लॉट, मकान, लग्जरी वाहन और निवेश से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं.
फर्जी आईडी से किए फ्राड
सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. आशंका है कि इस पूरे गिरोह में कई तकनीकी विशेषज्ञ और फर्जी आईडी के जरिए काम करने वाले लोग भी शामिल थे. पुलिस साइबर एक्सपर्ट की मदद से विदेशी ट्रांजैक्शन और क्रिप्टो वॉलेट की भी पड़ताल कर रही है. मामले में जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री भी हो सकती है, क्योंकि जांच में हवाला और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन के संकेत मिले हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपित के खिलाफ मजबूत डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य जुटा लिए गए हैं, जिससे कोर्ट में अभियोजन को मजबूती मिलेगी.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें