1000 लीटर टंकी से बनाया 14 फीट शिवलिंग, देखते रह जाओगे दिल्ली के भीम की कांवड़
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Kanwar Yatra 2026 : पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पूरा कांवड़ मार्ग शिवभक्तों से पट चुका है. हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और गुजरात की ओर शिवभक्त लगातार बढ़े चले जा रहे हैं. दिल्ली के उत्तम नगर निवासी भीम राठौर की 14 फीट ऊंची कांवड़ सबसे अलग है. वह दूर से ही लोगों का ध्यान खींच लेती है. भीम ने 1000 लीटर की प्लास्टिक टंकी को ही 14 फीट ऊंचे शिवलिंग का रूप दे दिया है. जब यह शिवलिंग सड़कों पर निकला तो लोग रुक-रुककर देखने लगे. भीम ने लोकल 18 से बताया कि उन्होंने 3 अगस्त को हरिद्वार से गंगाजल उठाकर अपनी यात्रा शुरू की थी.
गाजियाबाद. सड़कों पर बढ़ते कांवड़ियों के कदम गूंजते हर-हर महादेव के जयकारे और कंधों पर सजी अलग-अलग तरह की कांवड़ सावन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पूरा कांवड़ मार्ग शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है. हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और गुजरात समेत अलग-अलग राज्यों की ओर शिवभक्त लगातार बढ़ रहे हैं. इसी बीच दिल्ली के उत्तम नगर निवासी भीम राठौर की 14 फीट ऊंची अनोखी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. 1000 लीटर की पानी की टंकी से तैयार इस भव्य शिवलिंग को देखने के लिए रास्ते में लोग रुक रहे हैं और तस्वीरें खींच रहे हैं.
भीम राठौर की कांवड़ देखकर लोगों की नजरें ठहर जा रही हैं. उन्होंने 1000 लीटर की प्लास्टिक पानी की टंकी को ही 14 फीट ऊंचे भव्य शिवलिंग का रूप दे दिया है. इसे तैयार करने के लिए टंकी की ऊंचाई पीवीसी की मदद से बढ़ाई गई. इसके बाद फोम और सजावटी सामग्री से शिवलिंग का आकार दिया गया. रंग-बिरंगी सजावट के बाद जब यह शिवलिंग कांवड़ के रूप में सड़कों पर निकला तो लोग रुक-रुककर इसे देखने और तस्वीरें लेने लगे. इस अनोखी कांवड़ को तैयार करने में करीब एक लाख रुपये की लागत आई है.
30 साल से कर रहे ये काम
भीम राठौर ने लोकल 18 को बताया कि उन्होंने 3 अगस्त को हरिद्वार से गंगाजल उठाकर अपनी यात्रा शुरू की थी. यह उनकी पहली कांवड़ नहीं है. वह पिछले करीब 30 वर्षों से कांवड़ यात्रा कर रहे हैं और इससे पहले भी पांच बार अलग-अलग स्वरूपों में भव्य शिवलिंग लेकर यात्रा कर चुके हैं. इस बार उनके साथ करीब 20 भोले भी चल रहे हैं जो इस विशाल कांवड़ को संभालने में उनकी मदद कर रहे हैं. यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है. भीम राठौर किसी मनोकामना के लिए यह यात्रा नहीं कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी सिर्फ एक इच्छा है कि उनके साथ चल रहे सभी भोले सकुशल अपने परिवार तक पहुंचें. अभी तक उनकी टीम के किसी भी सदस्य के पैर में छाले तक नहीं पड़े हैं और न ही किसी को चोट लगी है, यही महादेव का आशीर्वाद है.
कल पहुंचेंगे शिवालय
उत्तराखंड में उन्हें व्यवस्थाओं को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते ही कांवड़ियों के लिए बेहतर इंतजाम देखने को मिले. अलग-अलग जिलों में पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ मार्गों पर व्यवस्थाएं संभाल रखी हैं. अब 11 अगस्त को भीम राठौर अपने साथियों के साथ उत्तम नगर पहुंचकर शिवालय में गंगाजल अर्पित करेंगे और 14 फीट के इस अनोखे शिवलिंग वाली कांवड़ यात्रा को पूर्ण करेंगे.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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