15 साल पहले क्या हुआ था? जो फंस गए सांसद रामजीलाल सुमन, करना पड़ा कोर्ट में सरेंडर
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Aligarh News: करीब डेढ़ बजे रामजीलाल सुमन चुपचाप दीवानी पहुंचे और एसीजेएम फर्स्ट की अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की. अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया.
सांसद रामजीलाल सुमन.
अलीगढ़: राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन अचानक से कोर्ट पहुंचे और सरेंडर कर दिया. हालांकि, तुरंत ही उन्हें जमानत भी मिल गई. दरअसल, मामला 15 साल पुराने केस से जुड़ा हुआ है. गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता के अचानक दीवानी पहुंचने से अदालत परिसर में हलचल मच गई. सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा. बाद में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी.
दोपहर करीब डेढ़ बजे रामजीलाल सुमन चुपचाप दीवानी पहुंचे और एसीजेएम फर्स्ट की अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की. अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया. साथ ही अदालत ने उन्हें 20 हजार रुपये की स्योरिटी पर जमानत दे दी.
मामला वर्ष 2011 का है. आरोप है कि कोतवाली नगर क्षेत्र के तुर्कमान गेट स्थित सामियाना प्लाजा में बिना प्रशासनिक अनुमति सभा आयोजित की गई थी. कार्यक्रम के दौरान गेट का ताला तोड़ने और मारपीट, धमकी व शांति भंग जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था.
जमानत मिलने के बाद सांसद रामजीलाल सुमन मीडिया के सवालों से बचते नजर आए, जिसको लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. वहीं समर्थकों ने इसे पुराना राजनीतिक मामला बताया. सांसद के अधिवक्ता विनय यादव ने बताया कि कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 27 जून 2026 की तारीख तय की है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें