18 महीने के मासूम को पटक-पटककर मारने वाले दोषी को फांसी की सजा
फिरोजाबाद : फिरोजाबाद की जिला जज की कोर्ट ने डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या के चर्चित मामले में आज बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है. यह मामला 30 मई 2026 का है. थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के यादव कॉलोनी में आरोपी विराज ने अपनी प्रेमिका के डेढ़ साल के मासूम बच्चे की पटक-पटक कर हत्या कर दी थी.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था. आज पुलिस आरोपी विराज को जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच जनपद कोर्ट लेकर पहुंची. जिला जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोपहर 3 बजे फैसला सुनाया और मामले को दुर्लभतम श्रेणी में मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड दिया. फैसले के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. पीड़ित परिवार ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है.
क्या है पूरा मामला?
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में एकतरफा प्यार और सनक में अंधे एक दरिंदे ने डेढ़ साल के मासूम आरव को बेरहमी से जमीन पर पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया. इस कसाई का नाम है विराज उर्फ जितेंद्र पाठक, जिसने रिश्ते की मर्यादा और इंसानियत दोनों को तार-तार कर दिया. इस मामले की सुनवाई कुल 1 महीना 10 दिन चली, जिसमें 10 दिन की छुट्टियां थीं. महज 30 दिनों की अदालती कार्रवाई के बाद जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को धारा 302 का दोषी करार दे दिया है. अब उसे क्या सजा सुनाई जाएगी, ये कल पता चलेगा.
टॉफी दिलाने के बहाने ले गया और… 8 बार सिर के बल पटका!
मूल रूप से बामई गांव की रहने वाली रती की शादी 18 फरवरी 2024 को बदायूं के सुमित उर्फ प्रियंक के साथ हुई थी. शादी के बाद ही दहेज के दानवों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, जिसके बाद रती अपने मायके आकर रहने लगी. यहीं उसने आरव को जन्म दिया. इसी बीच, रती के ससुराल पक्ष से रिश्ते में देवर लगने वाला विराज उर्फ जितेंद्र पाठक उससे एकतरफा प्यार करने लगा और उस पर शादी का दबाव बनाने लगा. मगर रती ने साफ मना कर दिया.
शनिवार, 30 मई 2026 का वो काला दिन. रती शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में अपने एक रिश्तेदार के घर आई हुई थी. आरोपी विराज भी वहां पहुंच गया. वह रती की गोद से 18 महीने के आरव को ‘चॉकलेट और टॉफी’ दिलाने के बहाने हंसते हुए बाहर ले गया. मां को लगा कि देवर ही तो है, लेकिन बाहर निकलते ही गली में जो हुआ, उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. गली में लगे दो सीसीटीवी कैमरों में वह भयावह मंजर रिकॉर्ड हुआ, जिसे देखकर किसी भी कमज़ोर दिल इंसान की चीख निकल जाए. आरोपी विराज ने मासूम आरव के दोनों पैर पकड़े और उसे हवा में लहराते हुए एक के बाद एक, कुल 8 बार सिर के बल कंक्रीट की सड़क पर पटका. मासूम का सिर फट गया, सांसें उखड़ गईं.
साजिश रचकर मुकर रहा था हत्यारा, सीसीटीवी ने खोली पोल
मासूम को बेरहमी से कुचलने के बाद, शातिर हत्यारा उसे वापस रती के पास लाया और झूठ बोला कि यह खेलते-खेलते गिर गया है और इसे चोट लग गई है. यह कहकर वह वहां से रफूचक्कर हो गया. बदहवास परिजन आरव को लेकर अस्पताल भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मां के विलाप से अस्पताल गूंज उठा. शुरुआत में मामला हादसे का लग रहा था, लेकिन जैसे ही गली के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए, सारा सच सामने आ गया. वीडियो में साफ दिख रहा था कि कैसे एक शख्स ने तड़पते हुए बच्चे को बार-बार जमीन पर दे मारा.
एनकाउंटर में लगी गोली, पुलिस ने 6 दिन में ठोंकी चार्जशीट
वीडियो वायरल होते ही जनता का आक्रोश फूट पड़ा. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जाल बिछाया. थानाध्यक्ष अनुज राना को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी विराज मैनपुरी रोड के बूढ़ा भत्तरा मोड़ से भागने की फिराक में है. जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हत्यारे विराज के दोनों पैरों में गोलियां लगीं और वह वहीं ढेर हो गया. पुलिस ने उसके पास से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए.
योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस ने इस मामले में बुलेट की रफ्तार से काम किया. विवेचक एसएसओ अनुज राना ने महज 6 दिनों के भीतर कोर्ट में 75 पन्नों की पुख्ता चार्जशीट दाखिल कर दी. इस जघन्य अपराध की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई. सरकारी वकील डीजीसी (DGC) राजीव उपाध्याय ने अभियोजन पक्ष की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए सिर्फ 6 दिनों की बहस में 13 गवाहों को अदालत के कटघरे में खड़ा कर दिया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए फिरोजाबाद जिला कोर्ट में जिला जज डॉ. बब्बू सारंग के सामने बड़ी टीवी स्क्रीन लगाकर सीसीटीवी फुटेज को दो बार चलाया गया. जब अदालत के सन्नाटे में उस मासूम के पटकने की आवाजें और फुटेज गूंजी, तो खुद को बचाने की कोशिश कर रहा आरोपी विराज कोर्ट रूम में ही अपना सिर पटकने लगा और रोते हुए चिल्लाया- यह मैंने क्या कर दिया.
कल होगा सजा का ऐलान
इस ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की सुनवाई कुल 1 महीना 10 दिन चली, जिसमें 10 दिन की छुट्टियां थीं. महज 30 दिनों की प्रभावी अदालती कार्रवाई के बाद जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को धारा 302 का दोषी करार दे दिया है. मृतक मासूम की अभागी मां रती ने रोते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि जिस तरह मेरे बच्चे को तड़पा-तड़पा कर मारा गया, उस कसाई को सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा मिलनी चाहिए.
डीजीसी राजीव उपाध्यायने कहा कि यह ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ मामला है. एक बेकसूर, असहाय 18 महीने के बच्चे की जिस क्रूरता से हत्या की गई, उसने पूरे समाज को हिला दिया है. हमने अदालत के सामने सारे चश्मदीद सबूत पेश कर दिए हैं. अदालत ने आरोपी को दोषी मान लिया है और कल इसकी सजा का ऐलान किया जाएगा. हम कोर्ट से कड़ी से कड़ी सजा की मांग करेंगे.