3 लोगों की जान लेने वाली बाघिन अब सहमी बैठी, कैद में आते ही बदले तेवर…
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Pilibhit News: पीलीभीत में आतंक फैलाने वाली बाघिन अब कानपुर चिड़ियाघर में कैद है और शांत है. उसने एक दिन में तीन लोगों को मार डाला था. 70 अधिकारियों की टीम ने उसे पकड़ा और अब वह क्वॉरेंटाइन में है.
हाइलाइट्स
- पीलीभीत में आतंक का पर्याय बनीं बाघिन अब कानपुर चिड़ियाघर में कैद है.
- बाघिन ने एक दिन में तीन लोगों को मार डाला था.
- 70 अधिकारियों की टीम ने बाघिन को पकड़ा.
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बीते कुछ दिनों पहले आतंक का पर्याय बन चुकी बाघिन कैद होने के बाद अब पूरी तरह से सहम गई है. यह वही बाघिन है जिसने एक ही दिन में 3 लोगों को अपना शिकार बनाया था. जिससे पूरे गांव में डर का माहौल बना हुआ था. अब वही बाघिन कानपुर चिड़ियाघर में कैद है और पहले की तरह आक्रामक नहीं, बल्कि चुपचाप बैठी है.
मेवातपुर में किसान को बनाया पहला शिकार
इस बाघिन ने पहली बार हमला पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र के मेवातपुर गांव में किया. यहां उसने एक किसान मुकेश को मार डाला. इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया. लेकिन बाघिन यहीं नहीं रुकी. उसी दिन उसने मंडरिया और फुलहर गांवों में भी दो लोगों को अपना शिकार बना लिया. इसके अलावा तीन अन्य लोग भी उसके हमलों में घायल हुए.
पकड़ने में लगे 70 अधिकारी और कर्मचारी
बाघिन के बढ़ते हमले को देखते हुए उसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने तुरंत एक बड़ा अभियान शुरू किया. कुल 20 टीमें बनाई गईं, जिसमें कानपुर चिड़ियाघर के डॉ. नासिर समेत करीब 70 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे. कई घंटों की मशक्कत के बाद बाघिन को न्यूरिया क्षेत्र के डंडिया गांव के पास गन्ने के खेत में पकड़ लिया गया. बाघिन को पकड़ने के बाद उसे एक दिन के लिए वहीं रखा गया और फिर कानपुर चिड़ियाघर लाया गया. अब उसे चिड़ियाघर के अस्पताल परिसर में रखा गया है और 21 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है.
बाघिन के बढ़ते हमले को देखते हुए उसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने तुरंत एक बड़ा अभियान शुरू किया. कुल 20 टीमें बनाई गईं, जिसमें कानपुर चिड़ियाघर के डॉ. नासिर समेत करीब 70 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे. कई घंटों की मशक्कत के बाद बाघिन को न्यूरिया क्षेत्र के डंडिया गांव के पास गन्ने के खेत में पकड़ लिया गया. बाघिन को पकड़ने के बाद उसे एक दिन के लिए वहीं रखा गया और फिर कानपुर चिड़ियाघर लाया गया. अब उसे चिड़ियाघर के अस्पताल परिसर में रखा गया है और 21 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है.