30 मिनट तक जलते रहे लोग… मिर्जापुर सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत की कहानी

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30 मिनट तक जलते रहे लोग… मिर्जापुर सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत की कहानी


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घटनास्थल पर मौजूद विजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि दुर्घटना होने के बाद हम मौके पर आ गए थे. हमारे पास तस्वीरें हैं. मौके पर आए तो बोलेरो और ऑल्टो सवार धूं-धूंकर जल रहे थे. उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था. तस्वीरें रुह कंपा देने वाली थी. आधे घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी मौके पर ना तो फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच सकी और ना ही अन्य सहायता पहुंच सकी.

मिर्जापुरः घाटी पर ट्रक का ब्रेक अचानक से फेल हुआ. जबतक कुछ समझ आता कि सामने जा रही बोलेरो और ऑल्टो कार को टक्कर मारते हुए डंपर में टक्कर मार दिया. घटना इतना दर्दनाक थी कि बोलेरो और ऑल्टो सवार लोगों को बचाने का मौका ही नहीं मिला और सभी इसमें जल गए. यह कहना है चश्मदीदों का, जो घटना स्थल पर मौजूद थे. रेस्क्यू में शामिल लोगों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीम घटना की सूचने देने के आधे घंटे बाद आई और तब तक लोग जलते रहे और उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था. मिर्जापुर जिले में हुई भयानक हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के बारे में जो बताया है, उसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएंगी. वाराणसी-रीवा राजमार्ग पर ड्रमंडगंज बड़का मोड़ के पास ब्रेक फेल ट्रक की टक्कर में ऑल्टो और बोलोरो सवार 11 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है.

बोलेरो में कौन-कौन लोग मरे
बोलेरो सवार मृतक जिगना के रहने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक, ड्राइवर विष्णु सिंह निवासी रामपुर हंसवार अपने ही गांव के रहने वाले शगुन सिंह का बोलेरो चलाता था, जहां जिगना के एक परिवार को लेकर मुंडन कराने के लिए मैहर गए थे और वापस लौट रहे थे, जिसमें दो महिला और दो बच्चे भी थे. घटना इतना भीषण था कि तत्काल गाड़ी की पहचान नहीं हो सकी. टूटे गाड़ी नंबर प्लेट की मदद से मोबाइल नंबर निकालकर पुलिस ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी है. बोलेरो सवार मृतक की पहचान प्रियंका सिंह 42, कार्तिकेय सिंह 18 वर्ष, पीयूष सिंह 14 वर्ष, पंकज सिंह 40 वर्ष, बीना सिंह 47 वर्ष, वंदना सिंह 43 वर्ष, शिवा सिंह 8 वर्ष, सोनम 9 वर्ष के रुप में हुई है.

कार चालक व खलासी की मौत
घटना में दूसरे कार में सवार जयप्रकाश की मौत हुई है, जो वाराणसी से बुकिंग लेकर रीवा छोडने गए थे और वापस लौट रहे थे. ट्रक सवार चना लेकर बिहार जा रहा था, जहां खलासी की मौत हो गई है. खलासी की पहचान विकास शर्मा निवासी सागर, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है. ड्राइवर की हालत गंभीर है. शेष लोगों की पहचान नहीं हो सकी है.

कोई बचाने वाला नहीं था
घटनास्थल पर मौजूद विजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि दुर्घटना होने के बाद हम मौके पर आ गए थे. हमारे पास तस्वीरें हैं. मौके पर आए तो बोलेरो और दूसरी कार धूं-धूंकर जल रही थी. उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था. तस्वीरें रुह कंपा देने वाली थीं. आधे घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी मौके पर ना तो फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच सकी और ना ही अन्य सहायता पहुंच सकी. घटना के बाद गैस कटर की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया है. एक पूरा परिवार खत्म हो गया. बच्चे जल रहे थे. परिवार उजड़ गया. कोई मदद नहीं मिली. अभी तक सभी शव की पहचान नहीं हो सकी है.

मदद करने का नहीं मिला मौका
गुड्डू यादव ने बताया कि घटनास्थल पर कुछ लोग ही मौजूद थे. इतना दर्दनाक हादसा हुआ कि हम लोग उसे शब्दों में नहीं बता सकते. यहां पर मदद समय से पहुंची होती तो शायद उनके शव को बेहतर तरीके से निकाल लिया गया होता. हालांकि, उन तक मदद नहीं पहुंच सकी. दिलीप दुबे ने बताया कि घटनास्थल पर हम लोग जब पहुंचे तो यहां पर स्थिति बहुत ही खौफनाक थी और यहां पर कुछ बचाने लायक नहीं था. किसी को बचाने की स्थिति नहीं थी.

कारणों की हो रही है जांच- एसपी
एसपी रजत कौशिक ने बताया कि घटना होने के बाद तत्काल मौके पर पहुंच गए. टीम ने यहां पर राहत बचाव कार्य शुरू किया. जेसीबी व गैस कटर की मदद से शव को बाहर निकाला गया है. 11 लोगों के शव को बाहर निकाला गया है. रेक्सयू ऑपरेशन बंद कर दिया गया है. जो मृतक हैं, उनकी पहचान की जा रही है. आगे जो भी जानकारी होगी उससे अवगत कराया जाएगा.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें





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