400 साल पुराना ‘वटवृक्ष’, जहां एक पेड़ से जन्मे 14 और पेड़.. आस्था, चमत्कार और प्रकृति का संगम!
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Rampur 400 years old Banyan tree: रामपुर में 400 साल पुराना वटवृक्ष आस्था और विरासत का प्रतीक बन गया है. 28 अक्टूबर 2020 को लखनऊ विश्वविद्यालय की वनस्पति विज्ञान विभाग की एक टीम यहां सर्वेक्षण के लिए पहुंची थी…और पढ़ें
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस वटवृक्ष से क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है. यहां रोजाना श्रद्धालु आते हैं. पूजा-अर्चना करते हैं. पेड़ की छांव में बनी चार संतों की समाधियां भी है जो इसे और भी पवित्र बना देती है. 28 अक्टूबर 2020 को लखनऊ विश्वविद्यालय की वनस्पति विज्ञान विभाग की एक टीम यहां सर्वेक्षण के लिए पहुंची थी. टीम ने वटवृक्ष की उम्र बनावट और धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे विरासत में दर्ज करने की सिफारिश की थी. रिपोर्ट शासन को भेजी गई और शासन की मंजूरी मिलने के बाद इसे आधिकारिक रूप से रामपुर की हेरिटेज विरासत में शामिल कर लिया गया.
यह वृक्ष बहुत ही अद्भुत माना जाता
वर्तमान में यह वटवृक्ष रामपुर ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इसकी शाखाएं अब भी फैल रही हैं और नई जटाएं लगातार जमीन में समाकर नए तने बना रही है. यह नजारा देखने लायक होता है और यही वजह है कि लोग दूर-दूर से इसे देखने आते हैं. चौधराना मंदिर के महंत जय गिरी ने बताया कि यह वृक्ष बहुत ही अद्भुत माना जाता है. उनकी मांग है कि इस क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कराए और इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे उनका कहना है कि जब इसे विरासत में दर्ज कर लिया गया है तो अब अगला कदम यह होना चाहिए कि इसके आसपास उचित विकास कार्य किए जाएं.