5 लाख लोगों ने क्यों किया थी वोटिंग, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के नाम की कहानी?
boeing 787-8 dreamliner plane, Ahmedabad plane crash: अहमदाबाद में एयर इंडिया का जो विमान क्रैश हुआ वह बोइंग बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था. जब एयर इंडिया का बोइंग 787-8 हादसे का शिकार हुआ है, तो लोग पूछ रहे हैं क्या इस ड्रीम का टेक्नोलॉजी पर जरूरत से ज्यादा भरोसा था? ये वही विमान है जो कार्बन फाइबर से बना, हल्का और स्मार्ट माना जाता था पर इंजन, वायरिंग, और ऑटोमैटिक सिस्टम की विफलता ने दिखा दिया कि तकनीक भी तब तक ही भरोसेमंद है जब तक वो इंसान की तरह सोचती है.
Boeing 787-8 Dreamliner plane Crash: कौन बनाता है बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर?
बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर को अमेरिका की बोइंग कंपनी बनाती है,जो दुनिया की सबसे बड़ी एविएशन कंपनियों में से एक है.साल 2003 में बोइंग ने इस विमान को 7E7 प्रोजेक्ट के नाम से शुरू किया. इसका मकसद था एक ऐसा विमान बनाना, जो लंबी दूरी की उड़ानों के लिए फ्यूल-एफिशिएंट, कंफर्टेबल, और टेक्नोलॉजिकली एडवांस हो.बोइंग 787-8 की पहली टेस्ट फ्लाइट 15 दिसंबर 2009 को हुई. इसके बाद 26 अक्टूबर 2011 को जापान की ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) को पहला ड्रीमलाइनर डिलीवर किया गया.
air india plane crash: 5 लाख वोटों की कहानी: कैसे पड़ा ‘ड्रीमलाइनर’ नाम?
Boeing 787-8 Crash: क्यों खास था ये कैंपेन?
बोइंग का ये कदम अपने आप में यूनिक था,क्योंकि एविएशन इंडस्ट्री में ऐसा पहली बार हुआ कि लाखों लोगों की राय से किसी विमान का नाम रखा गया.
air india flight crash: ड्रीमलाइनर कब बना एयर इंडिया का साथी
क्या बनाता है ड्रीमलाइनर को खास?
बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर पुराने विमानों की तुलना में 20-25% कम फ्यूल खर्च करता है,जिससे एयरलाइंस को लागत कम होती है और टिकट भी सस्ते हो सकते हैं.इसमें बड़ी खिड़कियां,बेहतर केबिन प्रेशर और कम शोर होता है, जो लंबी उड़ानों में यात्रियों को आराम देता है.787-8 में 210-250 सीट्स होती हैं और ये 13,600 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है.कार्बन फाइबर और कम्पोजिट मटेरियल से बना ये विमान हल्का और मजबूत है.2025 तक बोइंग ने 1,700 से ज्यादा 787 ड्रीमलाइनर दुनिया भर में डिलीवर किए हैं, जिसमें 787-8, 787-9 और 787-10 मॉडल शामिल हैं.