’80 से ज्यादा देशों के कारोबारी आएंगे’, कानपुर की निकलेगी लॉटरी, लेकिन कैसे?
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Kanpur News : योगी सरकार ने तीन साल पहले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे-बड़े उद्योगों, एमएसएमई, हस्तशिल्प, ओडीओपी और दूसरे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना था. इस बार 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजन होगा. इस बार प्रदेश के 2500 से अधिक निर्यातक अपने उत्पादों को सामने रखेंगे. पिछले दो साल से वैश्विक बाजार में कई चुनौतियों के कारण प्रदेश के निर्यातकों को कारोबार में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. ऐसे समय में यह ट्रेड शो उनके लिए नए बाजार, नए ग्राहक और नए व्यापारिक रिश्ते बनाने का बेहतरीन मौका होगा.
कानपुर. उत्तर प्रदेश के कारोबारियों और निर्यातकों के लिए इस साल सितंबर का महीना कई नई उम्मीदें लेकर आने वाला है. 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होने वाला यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बनने जा रहा है. इस बार प्रदेश के 2500 से अधिक निर्यातक अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे. खास बात यह है कि दुनिया के 80 से अधिक देशों के खरीदार और कारोबारी इस ट्रेड शो में शामिल होंगे. इससे यूपी के उत्पादों को नए बाजार मिलने और निर्यात बढ़ने की अच्छी संभावना है. फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव बताते हैं कि योगी सरकार ने वर्ष 2023 में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे-बड़े उद्योगों, एमएसएमई, हस्तशिल्प, ओडीओपी और अन्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना था. लगातार तीन सफल आयोजनों के बाद अब वर्ष 2026 का ट्रेड शो सबसे बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है.
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट वाले देशों पर फोकस
इस बार ट्रेड शो में उन देशों के खरीदारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिनके साथ भारत का हाल के वर्षों में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) हुआ है या व्यापारिक संबंध तेजी से बढ़ रहे हैं. इनमें न्यूजीलैंड, यूरोपियन यूनियन के कई देश और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजार शामिल हैं. इन देशों के कारोबारियों से सीधे बातचीत कर यूपी के निर्यातक अपने उत्पादों के लिए नए ऑर्डर हासिल करने की कोशिश करेंगे. इससे प्रदेश के उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. आलोक श्रीवास्तव के अनुसार, इस बार पहली बार 2500 से अधिक निर्यातक 80 से ज्यादा देशों के कारोबारियों के सामने अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे. यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड होगा और प्रदेश के निर्यात को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगा.
बी2बी और बी2सी मॉडल
फियो के अनुसार, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो सिर्फ उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि कारोबार बढ़ाने का बड़ा मंच भी है. यहां बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) और बिजनेस टू कंज्यूमर (बी2सी) दोनों तरह के अवसर मिलेंगे. यानी कंपनियां विदेशी खरीदारों के साथ सीधे व्यापारिक समझौते भी कर सकेंगी और आम ग्राहकों तक भी अपने उत्पाद पहुंचा सकेंगी. पिछले करीब दो वर्षों से वैश्विक बाजार में कई चुनौतियों के कारण प्रदेश के निर्यातकों को कारोबार में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. ऐसे समय में यह ट्रेड शो उनके लिए नए बाजार, नए ग्राहक और नए व्यापारिक रिश्ते बनाने का बेहतरीन मौका साबित हो सकता है.
हर साल बढ़ रहा दायरा
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. वर्ष 2023 में जहां 1914 निर्यातक और 60 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, 2024 में यह संख्या बढ़कर 2050 निर्यातक और 70 देश हो गई. वर्ष 2025 में 2250 निर्यातकों ने 75 देशों के खरीदारों के सामने अपने उत्पाद रखे. अब 2026 में 2500 से अधिक निर्यातकों और 80 देशों की भागीदारी के साथ यह आयोजन नया इतिहास रचने की तैयारी में है. सरकार और उद्योग जगत को उम्मीद है कि इस बार का ट्रेड शो उत्तर प्रदेश के निर्यात को नई ऊंचाई देगा. एमएसएमई, ओडीओपी, लेदर, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत पहचान मिलेगी.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें