रेल हादसों को कम करने के लिए रेलवे का बड़ा कदम, लोको पायलट की काउंसलिंग
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Indian Railway- भारतीय रेलवे लोको पायलट और उनके परिवार को तनाव मुक्त करने की खास पहल की है. उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी, जिससे उनको ड्यूटी शुरू करते समय किसी तरह का तनाव न रहे.
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे लोको पायलट और उनके परिवार को तनाव मुक्त करने की खास पहल की है. उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी, जिससे उनको ड्यूटी शुरू करते समय किसी तरह का तनाव न रहे. इसकी शुरुआत डिवीजनों से की गयी है. रेलवे के इस कदम से ट्रेन हादसों को कम करने के साथ लोको पायलट को के जीवन में बदलाव लाने में में भी मदद मिलेगी.
उत्तर मध्य रेलवे जोन के प्रयागराज डिवीजन में फैमिली सेमिनार का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य क्रू नियंत्रक, 8 मुख्य लोको निरीक्षक और 22 कर्मचारी परिवार सहित उनके बच्चे तथा 37 लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने भाग लिया.
सेमिनार के दौरान रवि तथा रामकृष्ण के घर का एक वीडियो सभी लोगों को दिखाया गया. इससे प्रेरणा लेते हुए काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. घर पर तनाव मुक्त माहौल रखने तथा ड्यूटी पर जाते समय बिना तनाव के ड्यूटी पर भेजने के लिए काउंसलिंग की गयी. ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या SPAD की स्थिति में परिवार पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया गया. फैमिली सेमिनार में उपस्थित सभी महिलाओं से सेमिनार के संबंध में लिखित रूप में फीडबैक लिया गया. घर के छोटे-मोटे कार्यों को स्वयं करने एवं पतियों/पत्नियों को अच्छा पारिवारिक तथा सहयोगात्मक माहौल देने के लिए प्रोरित किया गया. जिससे वे अपना काम बेहतर तरीके से कर सकें.
दरअसल लोको पायलट की ड्यूटी दिन रात दोनों की होती है. ड्यूटी के दौरान लगातार उसे जागरूक रहना पड़त है. इस दौरान घर पर हुआ कोई तनाव उसे परेशान कर सकता है. इसी का ध्यान रखते हुए इस तरह के सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है. भारतीय रेलवे के अनुसार सभी जोन और डिवीजनों में इस तरह के सेमिनार का आयोजन किया जाएगा. जिससे लोको पायलट तनाव मुक्त होकर ड्यूटी कर सकें.