1 रुपए की ये ट्रिक… बना देगी आपको लौकी की खेती का ‘किंग’! जानें लटक विधि के फायदे
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Gourd Farming Tips : सिर्फ 1 रुपए की इस ट्रिक से किसान मोटा मुनाफा कमा सकते हैं. फर्रुखाबाद में किसान लटक विधि से लौकी समेत कई सब्जियों की खेती कर रहे हैं. खास बात ये है कि इस तकनीक से तैयार सब्जियां पूरी तरह …और पढ़ें
किसान हर्षित कटियार ने बताया कि वह पहले पौधों की नर्सरी तैयार कराते हैं. इन पौधों को खेत में रोपने के करीब एक माह बाद ही लौकी निकलने लगती है. शुरुआती समय में लौकी महंगे दाम पर बिकती है, जिससे किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. इसके अलावा नर्सरी पौधे रोग-प्रतिरोधी होते हैं, जिससे फसल पर रोग कम लगते हैं और लागत भी कम आती है।
लटक विधि से हर्षित ने इस समय लौकी, मिर्च, टमाटर, बैंगन और तोरई की नर्सरी तैयार की है. नर्सरी से एक रुपए प्रति पौधा से मिल जाता है. सभी सब्जियों की खेती जैविक तकनीक से की जाती है, जिसकी वजह से यह पूरी तरह केमिकल-फ्री होती हैं. यही कारण है कि बाजार में इनकी मांग काफी अधिक रहती है और सब्जियां हाथों-हाथ बिक जाती हैं.
लौकी के लिए आदर्श मौसम
लौकी की खेती गर्म और आर्द्र जलवायु में अच्छी होती है. इसके लिए 25 से 37 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सही माना जाता है. मिट्टी का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए. यही जलवायु और मिट्टी के गुण लौकी की अच्छी पैदावार में मददगार साबित होते हैं.
कैसे होती है लौकी की खेती?
लौकी की खेती शुरू करने के लिए खेत को नमीदार बनाकर उसमें जैविक खाद डालने के बाद जुताई की जाती है. फिर खेत को समतल कर 2.5 x 2 मीटर की दूरी पर 30 सेमी x 30 सेमी x 30 सेमी आकार के गड्ढे खोदकर पौध रोपी जाती है. समय-समय पर सिंचाई और गुड़ाई करनी जरूरी है. पौधे बड़े होने पर वे तेजी से फल देना शुरू कर देते हैं. लौकी की तुड़ाई कच्ची अवस्था में की जाती है. शुरुआती सीजन में इसका भाव 60 से 80 रुपए प्रति किलो तक मिलता है. सब्जी के रूप में खूब इस्तेमाल होने वाली लौकी की एक बीघा खेत से किसान आसानी से 60 से 70 हजार रुपए तक की कमाई कर सकते हैं.