गांव से तहसील तक! अनीश सिंह ने हौसले और मेहनत से रची सफलता की कहानी, आज है तहसीलदार

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गांव से तहसील तक! अनीश सिंह ने हौसले और मेहनत से रची सफलता की कहानी, आज है तहसीलदार


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Success Story: अनीश सिंह बताते है कि उनकी सफलता के पीछे उनके पिता और परिवार का विशेष योगदान है. हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने के बावजूद, उन्होंने अपने हौसले और मेहनत से यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भ…और पढ़ें

मऊः कहते है यदि हौसला बुलंद हो तो कोई भी कार्य कठिन नहीं होता. मजबूत जज्बा और कुछ कर दिखाने की लगन हो तो सफलता कदम चूम ही लेती है. ऐसा ही उदाहरण है अयोध्या जनपद के पूरा बाजार जलालुद्दीन नगर निवासी अनीश सिंह. 16 जनवरी 1989 को जन्मे अनीश बचपन से सिविल इंजीनियर बनने का सपना देखते थे, लेकिन उन्होंने अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना.

अनीश सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय से शुरू की, बच्चू लाल इंटर कॉलेज से 2003 में हाई स्कूल और 2005 में इंटर की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने जीआईसी गवर्नमेंट कॉलेज से बीटेक किया और सिविल इंजीनियर बन गए. हालांकि, उनके पिता का सपना था कि वे पीसीएस अधिकारी बनें. पिता के सपनों को साकार करने के लिए अनीश ने बिना किसी कोचिंग या संस्था की मदद के, घर पर रहकर ही पीसीएस की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर ली.

गोंडा में तहसीलदार बने
5 नवंबर 2019 को उन्हें फिरोजाबाद टूंडला में नायब तहसीलदार पद पर नियुक्ति मिली. इसके बाद 15 अगस्त 2024 को वे गोंडा में तहसीलदार बने और वर्तमान में 25 जून 2025 से मोहम्मदाबाद गोहना तहसील में तहसीलदार पद पर कार्यरत है.

परिवार का विशेष योगदान रहा
अनीश सिंह बताते है कि उनकी सफलता के पीछे उनके पिता और परिवार का विशेष योगदान है. हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने के बावजूद, उन्होंने अपने हौसले और मेहनत से यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, अगर जज्बा मजबूत हो तो सपनों को साकार किया जा सकता है.

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