धान की फसल में लगे रोग या खरपतवार का खतरा, फोटो खींच इस नंबर पर भेजें, घर बैठे मिलेगा इलाज
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Paddy Crop Helpline Number : अगर स्थिति ज्यादा गंभीर हुई तो कृषि विभाग के अधिकारी खुद चलकर किसानों के पास जाकर उनकी समस्या का निदान कराएंगे. टेंशन लेने की जरूरत नहीं है.
कन्नौज. यूपी के किसान बड़े पैमाने पर धान की खेती करते हैं. खरपतवार और कीट धान के सबसे बड़े दुश्मन हैं. ये दोनों फसल को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इनसे बचने के लिए किसानों को सावधान रहना होगा. कन्नौज के जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता बताते हैं कि इस समय किसान को अपनी फसल का खास ध्यान देना होगा. किसानों की मदद के लिए प्रशासन आगे आया है. किसान भाई एक व्हाट्सएप नंबर पर अपनी फसल की स्थिति की फोटो डालकर घर बैठे ही समाधान पा सकते हैं. अगर स्थिति ज्यादा गंभीर हुई तो कन्नौज कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुद किसानों के पास जाकर उनकी समस्या का निदान कराएंगे.
ऐसे मिलेगा समाधान
किसानों की सहूलियत के लिए सहभागी फसल निगरानी प्रणाली के तहत किसान 9452247111 और 9452257111 नंबर पर अपनी फसल की समस्या की फोटो खींचकर मैसेज करें. इसके बाद तत्काल कृषि अधिकारी इसका संज्ञान लेकर घर बैठे ही मदद मुहैया कराएंगे. जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता बताते हैं कि कन्नौज में किसान 35 हेक्टेयर से ज्यादा धान की खेती करते हैं. धान की खेती में खरपतवार, फफूंद, सूड़ी, जड़ सड़न सहित कई तरह के कीट लगने का खतरा रहता है. इनसे निपटने के लिए कृषि वैज्ञानिकों के परामर्श से मानक के अनुसार कीटनाशकों का प्रयोग करना चाहिए.
दी जा रही आधी सब्सिडी
कृषि विभाग की ओर से इन कीटनाशकों पर 50% की सब्सिडी भी दी जा रही है. किसान को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो, इसके लिए सरकार प्रयासरत है. धान की बाली बनने के समय फसल में खैरा रोग, झुलसा रोग और सफेद रोग लगने का खतरा ज्यादा रहता है. इसीलिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह पर उचित कीटनाशक का छिड़काव जरूर कर दें. इससे फसल को इन रोगों से बचाया जा सकता है.