OMG: हिंदू धर्म में प्याज से परहेज, पर इन बाबा को भाता है बस प्याज-चना, प्रसाद चढ़ाए बिना अधूरी मानी जाती पूजा
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सहारनपुर में बाबा जाहरवीर गोगा जी महाराज का मेला सदियों पुरानी आस्था का प्रतीक है. यहां 850 साल से केवल प्याज और चने का प्रसाद चढ़ाया जाता है. श्रद्धालु इसे अनिवार्य मानते हैं.
इस प्रसाद को ही सभी श्रद्धालुओं को खाने के लिए दिया जाता है. प्याज से परहेज करने वाले श्रद्धालु उनको भी बाबा जी का यह प्रसाद ग्रहण करना पड़ता है. कहा जाए तो जाहरवीर गोगा जी महाराज एकमात्र ऐसे अवतार हुए हैं, जिनको केवल कच्चा प्याज का प्रसाद पसंद है.
निशान खड़े कर श्रद्धालु राजस्थान बगड़ की यात्रा के लिए रवाना होते हैं. उसमें भी चने की दाल, प्याज और काला चना, जिसको चाब बोलते हैं, इस चाब का जगह-जगह प्रसाद बांटा जाता है. यह प्रसाद बाबा जाहरवीर महाराज जी को बहुत पसंद है. राजस्थान की अगर बात की जाए हमारे यहां से चने की दाल और प्याज जाता है, लेकिन वहां का जो मुख्य प्रसाद है उसमें बाजरा और इलायची दाना इन दोनों चीज का प्रसाद बाबा को चढ़ाया जाता है.
जहां-जहां जिस चीज की खेती होती है वहां उसी हिसाब से सब लोग अपना-अपना प्रसाद चढ़ाते हैं. यह भी सुनने में और देखने में भी आया है बाबा का प्रसाद का जो अनादर करता है उससे वह नाराज रहते हैं. उस शख्स को कुछ ऐसा चमत्कार दिखता है कि वह बाबा के यहां जाता है और माफी मांगता है. फिर उस प्रसाद को ग्रहण करता है और बाबा उस पर फिर अपना आशीर्वाद बना देते हैं.