अब आपकी समस्या का हल एक क्लिक में दूर, पुलिस से जुड़ने का नया जरिया बना ये ऐप

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अब आपकी समस्या का हल एक क्लिक में दूर, पुलिस से जुड़ने का नया जरिया बना ये ऐप


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Saharanpur News: एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि जिले में अब तक 21 थानों के 148 हल्का व चौकी गांव-कस्बों से जिम्मेदार नागरिकों का डाटा पोर्टल पर फीड कर चुकी हैं. सी प्लान ऐप को सामुदायिक पुलिसिंग, आमजन से सीधे संव…और पढ़ें

कोई घटना होने पर अक्सर लोग झंझट में न पड़ने की बात कहकर पुलिस की मदद नहीं करते है.  एक जिम्मेदार नागरिक चाहे तो गोपनीय तरीके से भी पुलिस को जानकारी दे सकते हैं. इतना ही नहीं पुलिस की मदद करने के साथ-साथ व्यक्ति किसी और की भी मदद कर सकता है. पुलिस ने सी प्लान ऐप को सक्रिय है.

एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि जिले में अब तक 21 थानों के 148 हल्का व चौकी गांव-कस्बों से जिम्मेदार नागरिकों का डाटा पोर्टल पर फीड कर चुकी हैं. सी प्लान ऐप को सामुदायिक पुलिसिंग, आमजन से सीधे संवाद, कानून व्यवस्था बनाना और पुलिस के कार्यों में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए मदद करेगा. सी प्लान ऐप में सभी ग्राम के जिम्मेदार लोगों के नाम के साथ उनके मोबाइल नंबर मौजूद हैं. ऐप के जरिए एक क्लिक से ही इन लोगों के नंबर पुलिस कर्मियों के मोबाइल स्क्रीन पर आ जाते हैं. जनपद में किसी भी अप्रिय घटना के घटित होने या अफवाह फैलाने पर पुलिस गणमान्य नागरिकों से संपर्क साधती है. इतना ही नहीं अगर किसी प्रकार की कोई और समस्या भी है तब भी सीधा संपर्क पुलिस से साधा जा सकता है.

अपराधों को रोकने के लिए सी प्लान ऐप
सी प्लान ऐप का संचालन सीधे लखनऊ से होता है. समय-समय पर ऐप से जुड़े संभ्रांत नागरिकों से समन्वय स्थापित किया जाता है. वही अगर सी प्लान ऐप की खासियत की बात करे तो ऐप पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने, पुलिस को अपराधों को रोकने और अपराधियों को पकड़ने, जनता को पुलिस के साथ जुड़ने और अपने आस पास के क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाना, पुलिस और जनता के बीच पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने में मदद करेगा.

पुलिस से कर सकते है संवाद
एसएसपी आशीष तिवारी ने लोकल 18 से बताया कि पुलिस मुख्यालय के द्वारा सी प्लान नाम से एक ऐप बनाई गई थी. इसमें जो भी हमारे हर गांव के अंदर में 10 समरान्त व्यक्ति हैं. उनका नाम और नंबर उसमें रहता है. इसमें जो मोहल्लों में लोग रहते है. उनका भी नम्बर उसमें रहता है. यह बीट सिस्टम पर आधारित है कि किसी भी पुलिस व्यवस्था में जो थाना होता है. मान लीजिए थाने में 100 गांव है. उसके नीचे जो सब इंस्पेक्टर है हर सब इंस्पेक्टर के अंडर 10-10 गांव है और सब इंस्पेक्टर के अंतर्गत जो बीट कॉन्स्टेबल है.

पुलिस और जनता के बीच दूरी होगी कम
उनके अंडर में एक गांव एक कॉस्टेबल की व्यवस्था की गई हैं. उसमें 10 लोग जो जिम्मेदार व्यक्ति है.उसने जो कॉस्टेबल है वो प्रत्येक दिन एक व्यक्ति को फ़ोन के माध्यम से क्षेत्र के बारे में राजी, खुशी या जो भी समस्याएं होती है पूरी जानकारी ली जाती है. इसका मकसद है कि पुलिस और जनता के बीच जो दूरी है वो कम हो. उसके लिए टेक्नोलॉजी और फोन के माध्यम से भी इस व्यवस्था को बनाया जाए तो निश्चित रूप से दोनों को फायदा होता है. क्योंकि जो हमारे पुलिसकर्मी है. वो कई बार बिजी रहते हैं क्षेत्र में नहीं जा पाते है. वह फोन के माध्यम से कम से कम उनके संपर्क में रह पाते हैं. पुलिस एक पॉजिटिव व्यवहार में उनके साथ है जिसे एक अच्छा मैसेज जाता है.

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