यूपी में आवारा कुत्तों को कैसे खिला सकेंगे खाना.. योगी सरकार का नया कानून
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UP News: योगी सरकार ने यूपी में आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए नया परिपत्र जारी किया है. इसमें फीडिंग जोन, नसबंदी, टीकाकरण और जागरूकता अभियानों पर जोर दिया गया है. नीति का उद्देश्य मानव-पशु संघर्ष को कम करना औ…और पढ़ें
Lucknow News: CM योगी योगी आदित्यनाथ ने आवारा कुत्तों को लेकर जारी की नई गाइडलाइन लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ते मानव-पशु संघर्ष, विशेष रूप से आवारा कुत्तों से उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए एक नया परिपत्र जारी किया है. यह परिपत्र नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश देता है. इसमें संरचित फीडिंग जोन, विवाद निस्तारण तंत्र, सतत नसबंदी कार्यक्रम और जागरूकता अभियानों पर जोर दिया गया है. यह कदम न केवल जन सुरक्षा, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, बल्कि पशु कल्याण नियमों के तहत मानवीय दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देता है. लेकिन क्या यह नीति वास्तव में समस्या का समाधान कर पाएगी, या यह केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगी? आइए, इस नीति का विश्लेषण करें.
नीति का सकारात्मक पक्ष
योगी सरकार की यह पहल कई मायनों में स्वागत योग्य है. पहला, यह नीति मानव-पशु संघर्ष को कम करने के लिए एक संरचित दृष्टिकोण अपनाती है. फीडिंग जोन का विचार बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ कुत्तों को भोजन उपलब्ध कराने का एक व्यवस्थित तरीका है. दूसरा, नसबंदी और टीकाकरण पर जोर देने से आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. तीसरा, विवाद निस्तारण तंत्र से पशु प्रेमियों और निवासियों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है.
चुनौतियां और आलोचनाएं
नई गाइडलाइंस की मुख्य विशेषताएं
योगी सरकार का यह निर्देश पशु जन्म नियंत्रण (कुत्ते) नियम, 2023 और सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों पर आधारित है. इसके प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
विवाद निस्तारण तंत्र: फीडिंग जोन को लेकर निवासियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), और पशु प्रेमियों के बीच होने वाले विवादों के लिए एक समिति गठित होगी. इसमें मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, पुलिस, और अन्य हितधारक शामिल होंगे. समिति का निर्णय अंतिम होगा, और अनसुलझे मामले राज्य बोर्ड को भेजे जाएंगे.
जागरूकता अभियान: स्थानीय निकायों को जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और फीडिंग जोन पर सूचना बोर्ड लगाने के लिए कहा गया है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है.

Principal Correspondent, Lucknow