लहसुन की ये प्रजातियां आपको कर देंगी मालामाल, बस जान लें बोने का सही तरीका
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Sultanpur News: कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर ए के सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि लहसुन दो तरीके का होता है एक सफेद लहसुन और एक लाल.
सुल्तानपुर: सितंबर का महीना चल रहा है और इस महीने के अंत में लहसुन की बुवाई शुरू हो जाएगी. ऐसे में अगर आप भी लहसुन की खेती करते हैं या फिर करना चाहते हैं, तो आपको आज हम बताने वाले हैं कुछ ऐसी लहसुन की प्रजातियों के बारे में जिसको बोने के बाद आप अच्छी पैदावार कर सकेंगे और अपनी आय में बढ़ोत्तरी भी कर सकेंगे. इसके साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि लहसुन बोने की सही विधि क्या है और लहसुन बोने से पहले खेतों को किस प्रकार से तैयार करें कि लहसुन के पौधे अच्छे तरीके से विकसित हों, ताकि लहसुन की पोटी बड़ी-बड़ी हों. तो आइए जानते हैं इस पर कृषि वैज्ञानिक की राय…
इस लहसुन की करें खेती
कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर ए के सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि लहसुन दो तरीके का होता है- एक सफेद और दूसरा लाल रंग का लहसुन, क्योंकि सफेद लहसुन की पैदावार अधिक होती है और बाजार में इसकी डिमांड भी अधिक रहती है. ऐसे में सफेद लहसुन की खेती करना किसानों के लिए अधिक लाभदायक होता है.
बोने के बाद करें यह काम
लहसुन की बुवाई करने के बाद आपको पुआल से लहसुन के खेतों को ढक देना है. इससे खेत में नमी की मात्रा बनी रहती है और खरपतवार भी नहीं होने पाता है. इसलिए, बुवाई के बाद लहसुन के खेत पर पुआल बिछाना अधिक जरूरी है.
यमुना सफेद प्रजाति है लोकप्रिय
यमुना सफेद लहसुन की एक उन्नत किस्म है, जो अपनी कई खूबियों के लिए जानी जाती है. यह किस्म 140 से 160 दिनों में तैयार हो जाती है और 15 से 20 टन प्रति हेक्टेयर की औसत उपज देती है. यह बैंगनी धब्बा और झुलसा रोग के प्रति काफी प्रतिरोधी है.
खेत को इस तरह करें तैयार
जब भी आप लहसुन की बुवाई करें उससे पहले खेत को तैयार करना जरूरी होता है. खेत को तैयार करने के लिए आप तीन से चार बार खेत की अच्छे से गुड़ाई करें और उसमें जैविक खाद का इस्तेमाल करें. जैविक खाद में आप जानवरों के सड़े हुए गोबर का डालकर अच्छे से गुड़ाई करें और मिट्टी को पूरी तरीके से भुरभुर बना लें.