Gen-Z प्रोटेस्ट से नेपाल में बांग्लादेश जैसे हालात… डरे पर्यटकों का हुआ मोहभंग! अब उत्तराखंड-हिमाचल बने नई पसंद
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Gen-Z protest in Nepal :नेपाल में बिगड़ते हालात और बांग्लादेश जैसे माहौल ने पर्यटकों का भरोसा तोड़ दिया है. गोरखपुर समेत आसपास के इलाके के सैलानी अब नेपाल का रुख करने से कतराने लगे हैं और छुट्टियों के लिए सुरक्…और पढ़ें
गोरखपुर से हर साल बड़ी संख्या में लोग नेपाल घूमने जाते हैं. सीमावर्ती इलाका होने के कारण नेपाल उनके लिए सबसे नजदीकी और किफायती टूरिस्ट डेस्टिनेशन रहा है. लेकिन हाल ही में नेपाल में बढ़ती हिंसा और अस्थिर माहौल ने यहां के टूरिस्टों की योजना बदल दी है. अब गोरखपुर और आसपास के पर्यटक उत्तराखंड व हिमाचल की ओर रुख कर रहे हैं.
कुछ टूरिस्ट बताते हैं कि, उन्होंने पहले नेपाल घूमने का प्लान बनाया था, लेकिन नेपाल का हालात बिगड़ने के बाद उन्होंने अपना रूट बदल लिया. उनका कहना है कि, परिवार के साथ सुरक्षित जगह पर छुट्टियां बिताना ज्यादा जरूरी है. यही वजह है कि अब लोग मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, शिमला और मनाली जैसे सुरक्षित और प्राकृतिक स्थलों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं.
उत्तराखंड- हिमाचल के पैकेज की डिमांड
गोरखपुर में टूरिज्म का काम करने वाले विवेक बताते हैं कि, उनके पास नेपाल के कई पैकेज तैयार थे. लेकिन हालात खराब होने के कारण टूरिस्टों ने बुकिंग कैंसिल कर दी. अब वही लोग अयोध्या, उत्तराखंड और हिमाचल के पैकेज की डिमांड कर रहे हैं. विवेक कहते हैं कि, इस बदलाव से उन्हें नुकसान तो हुआ है, लेकिन दूसरी ओर उत्तर भारत के हिल स्टेशनों की डिमांड अचानक बढ़ गई है.
नेपाल की अस्थिरता के बीच एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है. टूरिस्ट अब सिर्फ पहाड़ ही नहीं बल्कि अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों की तरफ भी जा रहे हैं. राम मंदिर दर्शन के लिए इस समय देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. गोरखपुर से भी बड़ी संख्या में लोग नेपाल जाने का विचार छोड़कर अयोध्या की यात्रा कर रहे हैं.
सुरक्षा और सुविधा पर फोकस
नेपाल लंबे समय से गोरखपुर के लोगों के लिए प्रमुख पर्यटन स्थल रहा है. लेकिन मौजूदा हालात ने यह साफ कर दिया है कि, पर्यटक अब सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दे रहे हैं. ऐसे में उत्तराखंड और हिमाचल के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ अयोध्या जैसे धार्मिक स्थल टूरिस्ट के लिए नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं. साफ है कि, नेपाल की बिगड़ती स्थिति का सीधा असर गोरखपुर और आसपास के टूरिज्म पर दिख रहा है, जहां अब पहाड़ और धर्मस्थल पर्यटकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं.