गले के संक्रमण से लेकर बलगम साफ करने तक, सर्दियों में तुलसी ही असली संजीवनी, ये रही उपयोग की ट्रिक

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गले के संक्रमण से लेकर बलगम साफ करने तक, सर्दियों में तुलसी ही असली संजीवनी, ये रही उपयोग की ट्रिक


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Tulsi benefits : तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सर्दी-जुकाम, फ्लू और वायरल बुखार का खतरा कम करने में मदद करते हैं. तुलसी ठंड में होने वाली खांसी और गले के संक्रमण में असरदार है. इसके कफ-निवारक गुण बलगम को साफ करने में बहुत उपयोगी हैं. तुलसी के गुण तनाव को कम कर मानसिक शांति देते हैं. इससे ठंड के मौसम में होने वाली सुस्ती और थकान दूर होती है.

बलिया. ठंडी का मौसम आते ही सर्दी-खांसी, गले में खराश और संक्रमण आम हो जाते हैं. ऐसी स्थिति में तुलसी आपके लिए संजीवनी समान साबित हो सकती है. आयुर्वेद में तुलसी रोगियों के लिए अमृत और स्वस्थ व्यक्तियों के लिए वरदान कही गई है. ठंड के दिनों में तुलसी का सेवन शरीर को बुलेटप्रूफ बना देता है. तुलसी न केवल एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे अनेक गुणों से भरपूर होती है, बीमारियों से बचाती है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत भी कर देती है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की सात साल अनुभवी (MD, मेडिसिन) चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह के मुताबिक, तुलसी का सबसे बड़ा फायदा इम्युनिटी बढ़ाने में देखा गया है.

खून साफ करने में माहिर

तुलसी के पौधें को हिन्दू धर्म में पूजनीय माना जाता है. यह पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद है. सर्दियों में गैस, अपच और एसिडिटी की समस्या आम होती है, ऐसे में तुलसी का सेवन पाचन को भी बेहतर बना सकता है. तुलसी में एडाप्टोजेनिक गुण होते हैं, जो तनाव को कम कर मानसिक शांति प्रदान करते हैं, जिससे ठंड के मौसम में होने वाली सुस्ती और थकान दूर होती है. तुलसी की पत्तियों का चाय यानी काढ़ा शरीर को अंदर से गर्म रखता है. यही कारण है कि तुलसी अस्थमा या सांस के रोगियों के लिए वरदान है. तुलसी खून को साफ कर शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालती है.

सेवन का सही तरीका

तुलसी का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है. इसकी 5 से 6 पत्तियों को पानी में उबालकर चाय की तरह पीना बेहद फायदेमंद है. इसमें अदरक या शहद मिलाने से इसका असर और बढ़ जाता है. तुलसी का काढ़ा या शहद के साथ पत्तियां चबाना भी सर्दी-खांसी में तुरंत राहत देता है. चाय यानी काढ़ा में चीनी की जगह गुड़ या शहद का प्रयोग करें. गर्भवती महिलाएं और थायराइड से पीड़ित लोग तुलसी का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. क्योंकि किन्हीं परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकती हैं. सही मात्रा और सही तरीके से ली गई तुलसी ठंड में सेहत की सबसे बड़ी साथी है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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