गिरफ्तार हुआ KGMU में धर्मांतरण का खेल खेलने वाला डॉ. रमीज, सरेंडर की थी प्लानिंग, उससे पहले..
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में धर्मांतरण का खेल खेलने वाला आरोपित डॉ. रमीज को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था. इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में धर्मांतरण का खेल खेलने वाला आरोपित डॉ. रमीज को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था. इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. बता दें कि मामला सामने आने के बाद से डॉ. रमीज फरार चल रहा था. पुलिस ने उसपर इनाम भी रख दिया था. पुलिस डॉ. रमीज के माता-पिता को पीलीभीत से पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. बताया जा रहा है कि डॉक्टर रमीज दो हफ्ते से ज्यादा समय से फरार चल रहा था.
किराए के कमरे से सामान निकालने आया था डॉक्टर रमीज
अपने बंद पड़े किराए के घर से सामान निकालने और कोर्ट में हाजिर होने की फ़िराक़ में डॉक्टर रमीज लखनऊ आया था. इस दौरान ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. लखनऊ वेस्ट की चौक पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. जाँच में ये भी बात निकल कर सामने आई थी की डॉ रमीजुद्दीन लगातार हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फँसता था. और उनसे फ़ोन पर घंटों बात करता था.
डॉक्टर रमीज मलिक पर 50 हजार रुपये का था इनाम
आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के साथ ही उसकी गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी. शिकायतकर्ता, एक महिला डॉक्टर ने आरोपी पर अपनी शादी छिपाने, शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करने, उसे जबरन गर्भपात कराने, उसे धमकी देने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था. पुलिस ने बताया था कि 22 दिसंबर को बलात्कार, आपराधिक धमकी और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था.
माता-पिता भी हो गए गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय और पुलिस स्तर पर कथित धर्म परिवर्तन और संबंधित गतिविधियों की अलग-अलग जांच भी चल रही है. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी के माता-पिता को पांच जनवरी को कथित धर्म परिवर्तन मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था, जबकि उसकी संपत्तियों को जब्त करने के नोटिस लखनऊ में उसके घर और उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में उसके परिवार से जुड़े स्थानों पर चिपकाए गए थे.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें