सिर्फ चालान ही नहीं करती, गड्ढे भी भरती है ट्रैफिक पुलिस, गाजियाबाद में पुलिसवालों ने सड़क पर क्‍यों उठा लिया फावड़ा?

0
सिर्फ चालान ही नहीं करती, गड्ढे भी भरती है ट्रैफिक पुलिस, गाजियाबाद में पुलिसवालों ने सड़क पर क्‍यों उठा लिया फावड़ा?


Ghaziabad News: अक्सर लोग पुलिस का नाम सुनते ही कांपने लगते हैं, लेकिन गाजियाबाद की ट्रैफिक पुलिस ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है. दरअसल, जब सिस्टम के दूसरे विभाग अपनी जिम्मेदारी भूलकर गहरी नींद में सो रहे थे, तब सड़क पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने वह काम कर दिखाया जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है. जी हां…सड़क के जिन गड्ढों से गुजरते हुए लोग सिस्टम को कोसते थे, उन्हीं गड्ढों को पुलिसकर्मियों ने खुद मलबा ढोकर भर दिया.

हादसों को दावत दे रहे थे 2 फीट गहरे गड्ढे
मामला दिल्ली-एनसीआर से सटे गाजियाबाद के मोहन नगर चौराहे का है. यहां जीटी रोड पर पिछले काफी समय से दो-दो फीट गहरे गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए काल बने हुए थे. सड़क की मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) की थी, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण यहाँ आए दिन हादसे हो रहे थे. नालियों और सड़कों के इन गड्ढों ने स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और PWD की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.

जब TSI और होमगार्ड ने खुद थामा मोर्चा
रविवार को मोहन नगर चौराहे पर तैनात ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर राम मिलन और होमगार्ड जवान हरिओम ने देखा कि इन गड्ढों के कारण ट्रैफिक जाम हो रहा है और दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं. उन्होंने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों और PWD को दी, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला, तो उन्होंने खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया. ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर राम मिलन ने बताया,

हमारी ड्यूटी यहां ट्रैफिक सुचारू रखने की है, लेकिन इन गड्ढों की वजह से वाहन रेंग रहे थे और लोग गिर रहे थे. हमने राजेंद्र नगर की ओर से आ रहे एक सीएंडडी वेस्ट से लदे ट्रैक्टर को रुकवाया और उसके मलबे से गड्ढों को भरना शुरू किया.

एक घंटे की कड़ी मशक्कत और राहगीरों को राहत
करीब एक घंटे तक ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने बिना अपनी वर्दी की परवाह किए फावड़ा चलाया और मलबे को गड्ढों में भरा. इस नेक काम में ट्रैक्टर चालक ने भी अपने आदमियों के साथ पुलिस की मदद की. पिछले 8 महीनों से जो गड्ढे नासूर बने हुए थे, उन्हें पुलिस की तत्परता ने कुछ ही समय में अस्थायी रूप से भर दिया ताकि लोग सुरक्षित निकल सकें.

12 करोड़ का बजट, फिर भी सड़क बेहाल
हैरानी की बात यह है कि मोहन नगर चौराहे से ज्ञानी बॉर्डर तक की सड़क की मरम्मत के लिए PWD की ओर से 12 करोड़ रुपये का बजट पिछले साल दिसंबर में ही जारी किया जा चुका है. PWD के चीफ इंजीनियर रामराजा का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब तक कागजी कार्रवाई और टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक क्या जनता इन जानलेवा गड्ढों के कारण अपनी जान जोखिम में डालती रहेगी?

सोशल मीडिया पर हो रही सराहना
ट्रैफिक पुलिस के इस कार्य की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. लोग कह रहे हैं कि अगर हर विभाग इसी तरह अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझने लगे, तो व्यवस्था सुधरने में देर नहीं लगेगी. पुलिसकर्मियों के इस ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ काम ने यह साबित कर दिया है कि खाकी का काम सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस की रक्षा करना भी है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *