गांवों तक पहुंचेगी आधुनिक नेत्र जांच सुविधा, मेरठ मेडिकल कॉलेज की नई पहल

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गांवों तक पहुंचेगी आधुनिक नेत्र जांच सुविधा, मेरठ मेडिकल कॉलेज की नई पहल


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मेरठ और आसपास के जिलों में रहने वाले डायबिटीज मरीजों के लिए राहत भरी खबर है. आंखों की गंभीर बीमारी डायबिटिक रेटिनोपैथी से जूझ रहे मरीजों की समय पर जांच और इलाज के लिए लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज ने मोबाइल स्क्रीनिंग वैन की शुरुआत की है. यह वैन गांव-गांव जाकर आधुनिक मशीनों और एआई तकनीक की मदद से मरीजों की आंखों की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर मुफ्त इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी.

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मेरठ. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ समेत आसपास के जिलों में रहने वाले ऐसे मरीज, जो डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी गंभीर आंखों की बीमारी से पीड़ित हैं और आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पा रहे, उनके लिए अच्छी खबर है. लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के उच्चीकृत नेत्र रोग विभाग ने “डायबिटिक रेटिनोपैथी सेंटर” के तहत डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग मोबाइल वैन की शुरुआत की है. इसके माध्यम से गांव-गांव जाकर मरीजों की आंखों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

इन मरीजों को मिलेगा लाभ
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आर. सी. गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मेरठ के राजकीय मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग को एडवांस डायबिटिक रेटिनोपैथी सेंटर घोषित किया गया है. उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण आंखों के पर्दे में डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में इस मोबाइल वैन के जरिए गांवों में जाकर मरीजों की आंखों की जांच आधुनिक मशीनों से की जाएगी, ताकि समय रहते उनकी आंखों की रोशनी बचाई जा सके.

समय पर जांच से बच सकती है आंखों की रोशनी
विभाग के रेटिना विशेषज्ञ डॉ. प्रियांक के अनुसार यदि समय रहते डायबिटिक रेटिनोपैथी की जांच और उसकी गंभीरता के अनुसार इलाज कराया जाए तो इससे होने वाली अंधता को रोका जा सकता है. इसी उद्देश्य से नेत्र रोग विभाग ने इस मोबाइल वैन को तैयार कराया है. यह वैन गांव, शहर और अन्य क्षेत्रों में जाकर लोगों की जांच करेगी. इसमें जूनियर डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी, जो आधुनिक मशीनों से जांच कर मरीजों की आंखों के फोटोग्राफ भी लेगी. इन तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जांचा जाएगा. जिन मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इलाज की जरूरत होगी, उन्हें वहां बुलाया जाएगा, जबकि अन्य मरीजों को वैन में ही निशुल्क उपचार दिया जाएगा.

वैन में मौजूद हैं आधुनिक मशीनें
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मोबाइल वैन में एआई से सुसज्जित फंडस कैमरा, इंडायरेक्ट ऑप्थल्मोस्कोप, स्लिट लैम्प, एनसीटी, ऑटोरेफ्रैक्टोमीटर और चेयर यूनिट जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं. इसके अलावा लोगों को आंखों से जुड़ी बीमारियों के बारे में जागरूक करने के लिए एक टीवी स्क्रीन भी लगाई गई है, जिस पर नेत्र रोगों से संबंधित जानकारी लगातार दिखाई जाएगी. यह मोबाइल वैन नेत्र रोग विभाग की ओर से आयोजित विभिन्न नेत्र जांच शिविरों में भी उपयोग की जाएगी, जहां लोगों को निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा दी जाएगी.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें



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