एक नदी पांच पुल, आखिर कौन से हैं वह पांच पुल जो बताते हैं सुल्तानपुर के डेवलपमेंट की कहानी
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सुल्तानपुर में बने विभिन्न पुल शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ते हुए विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बन चुके हैं. गोमती नदी पर बने इन पुलों से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है, जिससे व्यापार, यात्रा और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान हुई है. कुछ पुराने पुल जहां आज भी लोगों की जरूरतें पूरी कर रहे हैं, वहीं नए पुलों का निर्माण सुल्तानपुर के भविष्य के विकास को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
यह पुल रेलवे विभाग द्वारा बनवाया गया है यह सुल्तानपुर शहर के बढ़ैया वीर मोहल्ले के क्षेत्र में लगता है. आम जनमानस के लिए इस पुल पर आने जाने की सुविधा नहीं है बल्कि इस पर रेलवे ट्रैक बिछाया गया है. जहां से मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन गुजरती हैं. सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह पुल काफी मजबूत है और इसके निर्माण की अवधि भी लगभग 50 साल हो चुकी है. यह सुल्तानपुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

गोलाघाट पुल सुल्तानपुर शहर में ही स्थित है या पल सुल्तानपुर शहर को दो भागों में विभाजित करता है गोमती नदी पर बनाए गए इस पुल पर प्रतिदिन 10000 से अधिक लोगों का आवागमन रहता है सिंगल पल होने की वजह से यहां पर जाम की भी समस्या बनी रहती है हालांकि अब एक नए पुल का निर्माण इसके ठीक बगल शुरू कर दिया गया है इसके साथ ही या पल पुराने सुल्तानपुर और नए सुल्तानपुर को जोड़ने का भी काम करता है.

बरौंसा का पुल काफी लंबा पुल है जो बरौसा और पापर घाट को जोड़ने का काम करता है. यह पुल गोमती नदी के ऊपर बनाया गया है. जहां पर जयसिंहपुर क्षेत्र की ग्रामीण आबादी का आवागमन होता है. इस पुल के नीचे की तरफ नदी के दोनों किनारे घने पेड़ लगाए गए हैं. जहां से पुल काफी खूबसूरत दिखाई पड़ता है. इस पुल पर भी हजारों की आबादी का प्रतिदिन आवागमन रहता है.
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गुदरा घाट पुल सुल्तानपुर का वह पुल है जो साल 2018 से निर्माणाधीन है हालांकि दोबारा बजट पास होने के बाद अब यह पुल फिर से बनना चालू हो गया है और इस पुल के बन जाने से विजेथुआ महावीरन धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी लाभ होने वाला है. इस पुल के बनने से ग्रामीण आबादी के साथ-साथ शहरी आबादी को भी फायदा होगा क्योंकि यह पुल सिर्फ सुल्तानपुर के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि गैर जनपदीय लोगों के लिए भी एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आएगा, जो सुल्तानपुर के विकास में सहयोग करेगा. यह पुल भी गोमती नदी के ऊपर बनाया जा रहा है.

सुल्तानपुर के लंभुआ विधानसभा के अंतर्गत आने वाले धोपाप धाम के ठीक बगल एक पुल बनाया गया है, जो गोमती नदी पर है. यह पुल लंभुआ और कादीपुर को जोड़ने का काम करता है जिस पर प्रतिदिन 5000 से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है. इस पुल के बन जाने से धोपाप धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी सहूलियत मिलती है. यह सुल्तानपुर के विकास की एक बेहतरीन कहानी लिख रहा है.