यूपी में हर तीसरी मेट्रो ट्रेन चला रही महिला, कानपुर में दौड़ी शक्ति स्पेशल
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कानपुर की लाइफ लाइन बन चुकी कानपुर मेट्रो में महिलाओं के लिए खास प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें देशभर की ऐसी महिलाएं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है, उनके बारे में प्रदर्शनी है.
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कानपुर मेट्रो ने नारी शक्ति को समर्पित एक अनोखी पहल की शुरुआत की. उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने लखनऊ से शक्ति मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस खास मेट्रो ट्रेन में महिलाओं की उपलब्धियां और उनके संघर्ष की प्रेरक कहानियां को प्रदर्शित किया गया है. कानपुर मेट्रो के अंदर भी यह खास प्रदर्शनी पूरे सप्ताह यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी. इसका उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका और योगदान को सम्मान देना और लोगों को उनकी प्रेरणादायक यात्राओं से अवगत कराना है.

कानपुर के गुरुदेव चौराहा मेट्रो स्टेशन पर इस अवसर पर विशेष मेट्रो राइट का आयोजन किया गया. इसमें शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्वयं सेवी संगठनों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं. कानपुर ब्लॉग्स और गंगा सूत्र जैसे संगठन की महिला विशेष रूप से तैयार शक्ति मेट्रो में सवार हुई और प्रदर्शनी का अवलोकन किया. प्रदर्शनी में देश की उन महिलाओं की कहानी दिखाई गई है, जिन्होंने कल खेल, विज्ञान, राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है.

इस खास मेट्रो राइट के दौरान कानपुर मेट्रो की महिला ट्रेन ऑपरेटर लेडी गार्ड और अन्य महिला कर्मचारी भी मौजूद रहीं. उन्होंने महिलाओं को मेट्रो में उपलब्ध सुरक्षा और सुविधाओं की जानकारी दी. मेट्रो में महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं. ट्रेन में लगे पैसेंजर इमरजेंसी इंटरकॉम और पैनिक बटन के जरिए किसी भी आपात स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन ऑपरेटर से संपर्क कर सकते हैं.
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मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का भी पूरा ध्यान रखा गया है. हर ट्रेन में करीब 12 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जबकि प्रत्येक स्टेशन पर लगभग 45 कैमरा के जरिए निगरानी की जाती है. इन सभी कैमरों की रियल टाइम मॉनिटरिंग सेंट्रल सिक्योरिटी रूम से होती है. स्टेशनों पर पारदर्शी कंट्रोल रूम टिकट काउंटर और लिफ्ट बनाए गए हैं, जिससे पूरे परिसर पर नजर रखी जा सके. साथी पर्याप्त एलइडी लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है.

महिला दिवस के मौके पर कानपुर के बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर शो योर टैलेंट कार्यक्रम के तहत एक खास आयोजन भी किया गया. इस कार्यक्रम में महिला प्रतिभागियों ने अपनी मधुर आवाज से लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया. कार्यक्रम में मेट्रो यात्रियों और शहर वासियों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया. मेट्रो परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने महिला प्रतिभाओं को मंच देने का काम किया.

मेट्रो प्रबंधन ने 8 मार्च को भी बड़ा चौराहा स्टेशन पर शो योर टैलेंट कार्यक्रम के तहत ओपन माइक और काव्य पाठ का आयोजन करने की तैयारी की है. इसमें शहर की महिलाएं अपनी कविता, गीत और अन्य कलात्मक परिस्थितियों के जरिए अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे. इस तरह के आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को अपनी अभिव्यक्ति का मंच देना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है.

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और मेट्रो जैसी तकनीक में भी उनकी लगातार भागीदारी बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि मेट्रो के ट्रेन ऑपरेशन मेंटेनेंस सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिक विभागों में बड़ी संख्या में महिलाएं काम कर रही है. हर तीन में से एक मेट्रो ट्रेन का संचालन महिला ट्रेन ऑपरेटर कर रही है. यूपीएमआरसी का लक्ष्य है कि मेट्रो परिसर और ट्रेन महिला जातियों के लिए पूरी तरीके से सुरक्षित और सुविधाजनक बने, ताकि वह बेझिझक और आराम से यात्रा कर सकें.