ये है टीम इंडिया का जबरा फैन! वर्ल्ड कप जीतने की खुशी में मुफ्त में खिलाया चाट
अमेठी: क्रिकेट भारत में केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है. इस जुनून की एक अनोखी मिसाल पेश कर रहे हैं सुरेंद्र कुमार लोधी राजपूत. सुरेंद्र एक छोटी सी चाट की दुकान चलाते हैं, लेकिन जब बात भारतीय क्रिकेट टीम के मैच की आती है, तो उनका दिल किसी करोड़पति से कम नहीं होता. टीम इंडिया के प्रति अपनी दीवानगी के चलते वे हर बड़े मैच पर ग्राहकों के लिए खास ऑफर और मुफ्त दावत का आयोजन करते हैं.
18 सालों से जारी है सुरेंद्र का सफर
जानकारी के लिए आपको बता दें कि सुरेंद्र अमेठी जिले के गौरीगंज के काजी पट्टी गांव के रहने वाले हैं. सुरेंद्र पिछले 18 वर्षों से अपनी दुकान चला रहे हैं. जब वे स्नातक प्रथम वर्ष में थे, तब उन्होंने इस दुकान की जिम्मेदारी संभाली. वे बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें क्रिकेट से गहरा लगाव रहा है.
उन्होंने कहा कि उनका यह लगाव इस कदर है कि चाहे वनडे वर्ल्ड कप हो या कोई रोमांचक टी-20 मुकाबला, सुरेंद्र अपनी दुकान पर आने वाले लोगों को अक्सर फ्री में चाट खिलाकर जीत का जश्न मनाते हैं. उनका कहना है, जब तक मैं सक्षम हूं, टीम इंडिया के लिए मेरा यह प्रेम और ग्राहकों के लिए यह सेवा जारी रहेगी.
साधारण परिवार, लेकिन दिल में है अनोखा जज्बा
यह सब करने वाले सुरेंद्र किसी बहुत रईस और अमीर परिवार से नहीं, बल्कि एक साधारण परिवार से हैं. उनके पिता जवाहरलाल एक किसान हैं और परिवार का मुख्य सहारा खेती ही है. सुरेंद्र तीन भाई हैं, जिनमें परिवार के भरण-पोषण के लिए सभी की अलग-अलग जिम्मेदारी है.
सुरेंद्र के बड़े भाई रामचंद्र रिक्शा चलाकर परिवार के भरण-पोषण में हाथ बंटाते हैं. वही उनके तीसरे नंबर के भाई लुधियाना में नौकरी कर आजीविका कमाते हैं. जबकि सबसे छोटे सुरेंद्र खुद दुकानदार हैं और महीने का 3000 रुपए किराया भरते हैं.
खर्च की चिंता नहीं, बस जीत की खुशी
सुरेंद्र के इस बड़े दिल पर जब लोकल 18 की टीम ने उनसे बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी और दुकान के किराये जैसी चुनौतियों के बावजूद उनके हौसले पस्त नहीं होते. देखा जाए तो जहां लोग पाई-पाई बचाने की सोचते हैं, वहीं सुरेंद्र टीम इंडिया की जीत की खुशी अजनबियों और ग्राहकों के साथ बांटने में यकीन रखते हैं. उनके इसी ‘बड़े दिल’ की वजह से पूरे इलाके में उनकी खूब तारीफ होती है.
फिलहाल सुरेंद्र का मानना है कि मैच छोटा हो या बड़ा, तिरंगे की शान सबसे ऊपर है. उनके लिए ग्राहकों की मुस्कान और भारत की जीत ही सबसे बड़ा मुनाफा है. उन्होंने कहा कि जब तक वह सक्षम हैं, उनके पास उनका रोजगार है, तब तक वह इसी तरीके से टीम इंडिया के लिए और जो भी सहयोग बन पड़ेगा, वह करते रहेंगे.