मऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 11 किमी हिस्सा बना एक्सीडेंट जोन, जानिए वजह

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मऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 11 किमी हिस्सा बना एक्सीडेंट जोन, जानिए वजह


मऊ: दिल्ली और लखनऊ को पूर्वांचल और बिहार से जोड़ने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, मऊ जनपद में 28 किलोमीटर तक गुजरता है. इसमें मुहम्मदाबाद गोहना व रानीपुर थाना क्षेत्र व कहां परिक्षेत्र से होकर गुजरने वाले 267 से 278 किलोमीटर के बीच का हिस्सा लगातार हादसों की वजह से एक्सीडेंटल जोन बनता जा रहा है. आईए जानते हैं क्या है इसका मुख्य कारण..

11 किलोमीटर का सड़क बना दुर्घटना का जोन

लोकल 18 से बात करते हुए अरैला ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि अभयदीप बताते हैं कि लखनऊ से बिहार को जोड़ने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेसवे मऊ जनपद से 28 किलोमीटर होकर गुजरता है, जिसमें 267 से 278 किलोमीटर के बीच का हिस्सा हादसों की वजह से एक्सीडेंट जोन बन गया है. पिछले एक-दो वर्षों से इसी दायरे में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें कई लोगों की जान जा चुकी है. इसका मुख्य कारण है टायर फटना, खड़े वाहनों में टक्कर, सीधी भिड़ंत, टर्निंग पॉइंट अधिक होना और वाहनों की तेज रफ्तार, जो सड़क हादसों का मुख्य कारण बन रही है. ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं सुबह 5 बजे से 7 बजे के बीच होती हैं. इस समय ज्यादातर ट्रक चालक व बड़े वाहन चालक तथा छोटे वाहन चालक अक्सर नींद आ जाने की वजह से गाड़ी नीचे खाई में पलट जाती है और सड़क दुर्घटना में लोग घायल हो जाते हैं.

सड़क दुर्घटना में घायलों को होती है कई परेशानियां

यदि इस 11 किलोमीटर की दूरी के बीच कोई नया नियम लागू कर दिया जाए और वाहन धीरे चलें, तो यह सड़क दुर्घटनाएं रुक सकती हैं. हालांकि मऊ जनपद में कोई रोपवे न होने की वजह से गाजीपुर बॉर्डर पर जाकर वहां से नीचे उतरकर जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है, जिसके कारण समय का ज्यादा नुकसान होता है. इस बीच घायलों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सरकार को चाहिए कि इस दुर्घटनाग्रस्त जोन पर कोई नया नियम लागू किया जाए, जिससे यहां सड़क दुर्घटनाएं रुक सकें, क्योंकि यहां हफ्ते में तीन से चार दिन कोई न कोई सड़क हादसा होता रहता है.

टर्निंग पॉइंट अधिक होने से हो रही सड़क दुर्घटनाएं

सरूहुरपुर से जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी राजेंद्र यादव बताते हैं कि मऊ का यह क्षेत्र दुर्घटना जोन बना हुआ है. यहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिसका मुख्य कारण टर्निंग पॉइंट है. यहां टर्निंग पॉइंट अधिक होने की वजह से लोग तेज रफ्तार वाहन होने के कारण गाड़ी को नियंत्रित नहीं कर पाते और नीचे खाई में चले जाते हैं. यदि इस बीच लोग धीमी गति से चलें और सावधानी से वाहन चलाएं, तो सड़क दुर्घटनाओं पर ब्रेक लग सकता है. शासन-प्रशासन को भी चाहिए कि यहां के लिए कोई नया नियम बनाया जाए, जिससे यह समस्या दूर हो सके.

रेस्टिंग एरिया न होना भी बन रहा सड़क दुर्घटना का कारण

भीमरतन कुमार बताते हैं कि सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण टर्निंग पॉइंट है. यहां जलेबी आकार का टर्निंग पॉइंट बना हुआ है और सामने से धूप आती है, जिसके कारण लोग वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं. शासन-प्रशासन को चाहिए कि यहां के लिए कोई नया नियम लागू करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगे. आजमगढ़ से गाजीपुर के बीच रेस्टिंग एरिया नहीं बनाए गए हैं, केवल एक-दो ही रेस्टिंग एरिया बने हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि लोग अपने वाहन मुख्य सड़क पर ही खड़े कर देते हैं और अक्सर इन खड़े वाहनों में पीछे या आगे से वाहन टक्कर मार देते हैं, जिससे दुर्घटनाएं ज्यादा बढ़ती जा रही हैं.



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