कलम बंद और जेब खाली, मंगलसूत्र तक रखनी पड़ी गिरवी, रोजगार सेवक-सेविकाओं की अजब गजब हड़ताल
बलिया: जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सिस्टम की हकीकत को सरेआम बेनकाब कर दिया है. मनियर ब्लॉक के रोजगार सेवक और सेविकाएं पिछले छह महीने से मानदेय का इंतजार करते-करते अब थक चुके हैं और मजबूर होकर कलम छोड़ हड़ताल पर उतर आए हैं. हालत इतनी दयनीय हैं कि, किसी ने त्योहार मनाने के लिए अपना मंगलसूत्र तक गिरवी रख दिया है. काम का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन जेब खाली है.
छह महीने से नहीं मिला मानदेय
जिगीडसर गांव निवासी रोजगार सेविका संगीता देवी ने कहा कि, लगातार छः महीने से मानदेय नहीं मिल रहा है. नियमानुसार के अलावा भी कार्य कराए जा रहे हैं, जिसके बदले में भी कुछ नहीं मिलता है. दो दिन में कार्य पूरा करने का दबाव दिया जा रहा है और मानदेय एक साल या आठ महीने में मिल रहा है. इन लोगों का ₹7788 मानदेय है, वो भी छः महीने से नहीं मिला है. होली में तो मंगलसूत्र गिरवी रखकर रंग गुलाब और अन्य सामान खरीदना पड़ा, किसी तरह नमक और रोटी खाकर जी रहे हैं. गिरवी मंगलसूत्र के पैसे से गाड़ी में पेट्रोल भराकर ब्लॉक पर आते हैं और ये लोग गांव में घूमकर अपना कार्य करते हैं. रोजगार सेविकाओं ने शासन से मांग किया है कि, उनको समय से मानदेय दिया जाए और अन्य कार्य न कराया जाए. ज्ञापन कई बार दिया गया है, लेकिन कुछ नहीं होता है. इस बार भी आश्वासन मिला है.
खुद का इलाज कराना है मुश्किल
रोजगार सेविका संघ के अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने कहा कि, इन लोगों के ईपीएफ की धनराशि UN खाते में नहीं जा रही है. एक तो इतने कम पैसे (₹7788) में भी वह पूरे मन से चाहे वो ईकेवाईसी हो या ब्लॉक स्तर का कार्य हो कर रहे हैं, इसके बावजूद अगर समय से मानदेय न मिले, तो कैसे जीवन यापन हो पाएगा. इस समय बच्चों की पढ़ाई और मां बाप का इलाज भी संभव नहीं है. ऐसे में ब्लॉक से हर गांव में घूमना और मोबाइल में हर तीन महीने पर ₹899 का रिचार्ज भी करना ही है, यह खुद सोचनीय है. इनको कोई सुविधा और मोबाइल नहीं दी जाती है.
परियोजना आते ही इन्हें बगैर प्रशिक्षण और ट्रेनिंग टास्क दे दिया जाता है, बस अपने मन से करते रहिए. कहा कि, वह हर कार्य करने को तैयार है, लेकिन केवल समय से उनका पारिश्रमिक मिलना चाहिए. रोजगार सेवक और सेविकाओं ने चेतावनी दी है कि, इस बार अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, तो वह वृहद स्तर पर प्रदर्शन करेंगे. जरूर पड़ने पर प्रदेश स्तरीय कलम बंद हड़ताल करते हुए पूरे मनरेगा कार्य को ठप करेंगे.
विकासखंड अधिकारी मनियर शत्रुघ्न कुमार ने कहा कि, इनका मांग है कि, इनका बकाया मानदेय दिया जाए, जो काफी दिनों से नहीं मिली है. इनको अन्य कार्य का भार भी दिया जाता हैं, लेकिन मुख्य समस्या काफी समय से अधर में लटका मानदेय ही है. इनकी सूचना आगे भेजी जाएगी, जैसे होगा बताया जाएगा.