नहीं देखा होगा रेस्क्यू सेंटर का ऐसा इस्तेमाल, पीलीभीत में बन रही लेपर्ड सफारी
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Pilibhit Tiger Reserve Leopard Safari : पीलीभीत में वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक मेगा प्लान पर काम कर रही है. अब यहां केवल बाघों का शोर ही नहीं, बल्कि पर्यटकों की चहल-पहल भी सालभर बनी रहेगी. पीलीभीत के प्रभागीय वनाधिकारी भरत कुमार डीके लोकल 18 से कहते हैं कि गोपालपुर में दो नए रेस्क्यू सेंटर बनाने की तैयारी जोरों पर है. इनमें से एक सेंटर पूरी तरह से बाघों के लिए होगा. शाहजहांपुर और पीलीभीत की सीमा पर स्थित गोपालपुर को इस काम के लिए चुना गया है.
पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है. पीलीभीत टाइगर रिजर्व के गोपालपुर इलाके में अब केवल बाघों का शोर ही नहीं, बल्कि पर्यटकों की चहल-पहल भी सालभर बनी रहेगी. यहां वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक मेगा प्लान पर काम कर रही है. पीलीभीत वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी भरत कुमार डीके लोकल 18 से कहते हैं कि गोपालपुर में दो नए रेस्क्यू सेंटर बनाने की तैयारी जोरों पर है. इनमें से एक सेंटर पूरी तरह से बाघों के लिए होगा, जिसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व विकसित कर रहा है. दूसरा सेंटर खासतौर पर तेंदुओं के रेस्क्यू और देखभाल के लिए बनाया जाएगा.
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी विशालता है. शाहजहांपुर और पीलीभीत की सीमा पर स्थित गोपालपुर के ब्लॉक 2 से 7 के बीच लगभग 2000 हेक्टेयर के बड़े इलाके को इस काम के लिए चुना गया है. डीएफओ के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र को सोलर फेंसिंग से घेरा जाएगा. यहां एक समर्पित लेपर्ड सफारी बनाई जाएगी, जहां पर्यटक साल के 365 दिन कुदरत और गुलदारों का दीदार कर सकेंगे.
रेस्क्यू कर लाए जाएंगे तेंदुए
तराई के इलाकों, जैसे बिजनौर और पीलीभीत में अक्सर मानव-वन्यजीव संघर्ष की खबरें आती हैं. इस दौरान पकड़े गए या चोटिल हुए तेंदुओं का अब गोपालपुर में बेहतर इलाज हो सकेगा. सफारी शुरू होने से स्थानीय स्तर पर पर्यटन को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा. इससे न केवल पीलीभीत का नाम पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को गाइड और अन्य रोजगार के मौके भी मिलेंगे.
कहां तक पहुंचा काम
अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और इसे मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है. वन मंत्री के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर इसे जल्द से जल्द जमीन पर उतारने की कोशिशें तेज हो गई हैं. अगर आप भी जंगल और वन्यजीवों के शौकीन हैं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि आने वाले समय में गोपालपुर आपकी पसंदीदा जगह बनने वाला है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें