ग़ज़ब है जौनपुर का यह गांव: आज भी ‘चौधरी की पंचायत’ से सुलझते हैं सभी विवाद

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ग़ज़ब है जौनपुर का यह गांव: आज भी ‘चौधरी की पंचायत’ से सुलझते हैं सभी विवाद


जौनपुर: आधुनिक दौर में जहां छोटे-छोटे विवाद भी थाने, कोतवाली और कोर्ट तक पहुंच जाते हैं, वहीं जौनपुर का एक गांव आज भी अपनी पुरानी परंपराओं को जीवित रखे हुए है. इस गांव में आज भी ‘चौधरी की परंपरा’ के तहत पंचायत लगती है और गांव के आपसी विवादों का समाधान आपस में बैठकर ही कर लिया जाता है.

गांव के लोगों का मानना है कि यह परंपरा न सिर्फ समय की बचत करती है, बल्कि आपसी भाईचारा भी बनाए रखती है. यहां किसी भी प्रकार का विवाद हो, जमीन का झगड़ा, पारिवारिक मामला या अन्य कोई विवाद, उसे गांव के बुजुर्ग और सम्मानित लोग मिलकर सुलझा लेते हैं.

पंचायत करता है फैसला

गांव के निवासी फौजी यादव ने बताया कि यह परंपरा उनके परदादा के समय से चली आ रही है और आज भी उसी तरह निभाई जा रही है. उन्होंने कहा हमारे गांव में जब भी कोई विवाद होता है, तो सभी लोग चौधरी के पास जाते हैं. वहां पंचायत बैठती है और दोनों पक्षों की बात सुनकर फैसला लिया जाता है, जिसे सभी मानते हैं.

फौजी यादव ने आगे बताया कि इस परंपरा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी तरह का खर्च नहीं होता और फैसला जल्दी हो जाता है. साथ ही, इससे गांव के लोगों के बीच आपसी संबंध भी मजबूत बने रहते हैं.

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले के समय में हर गांव में इसी तरह से विवादों का निपटारा होता था, लेकिन अब धीरे-धीरे यह परंपरा खत्म होती जा रही है. हालांकि, उनका गांव आज भी इस परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहा है.

गांव में ‘चौधरी’ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है

गांव में ‘चौधरी’ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. चौधरी को गांव के लोग अपने अनुभव और निष्पक्षता के कारण सम्मान देते हैं. जब भी पंचायत बैठती है, तो गांव के वरिष्ठ लोग भी उसमें शामिल होते हैं और सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाता है.

फैसले आपसी सहमति से होते हैं

इस व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह भी है कि गांव के लोग कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं से बच जाते हैं और उनका समय व पैसा दोनों बचता है. साथ ही, फैसले आपसी सहमति से होते हैं, जिससे मनमुटाव भी नहीं बढ़ता.

आज के समय में जब समाज तेजी से बदल रहा है, ऐसे में जौनपुर का यह गांव अपनी परंपराओं को सहेजकर एक मिसाल पेश कर रहा है. यह दिखाता है कि यदि आपसी समझ और विश्वास हो, तो बड़े से बड़ा विवाद भी आसानी से सुलझाया जा सकता है.



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