ऑपरेशन के दौरान महिला की खींची गई निजी तस्वीरें, वायरल होते ही मचा हड़कंप

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ऑपरेशन के दौरान महिला की खींची गई निजी तस्वीरें, वायरल होते ही मचा हड़कंप


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Kaushambi News: यूपी के कौशांबी जिले में 26 अप्रैल को बार्थोलिन सिस्ट की सर्जरी के दौरान ली गई निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. इस घटना पर खुद संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इसे मौलिक अधिकार का गंभीर उल्लंघन बताया.

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कौशांबी अस्पताल में महिला की खींची गई निजी तस्वीरें (सांकेतिक तस्वीर)

कौशांबी: कौशांबी जिले के एक मेडिकल कॉलेज में महिला मरीज की निजता से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है. 26 अप्रैल को बार्थोलिन सिस्ट की सर्जरी के दौरान ली गई निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिनमें मरीज का चेहरा और निजी अंग स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं.

इस घटना पर खुद संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इसे चिकित्सा नैतिकता, गरिमा और निजता के मौलिक अधिकार का गंभीर उल्लंघन बताया है. आयोग ने कहा कि इस तरह की हरकतें आपराधिक श्रेणी में आती हैं और पीड़िता को गहरा मानसिक आघात पहुंचाती हैं. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में जनता के विश्वास को भी कमजोर करती हैं.

एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
आयोग के अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिए हैं कि मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए और आपत्तिजनक सामग्री को इंटरनेट से हटाने के लिए साइबर स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप किया जाए.

साथ ही मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की गहन जांच के भी निर्देश दिए गए हैं. आयोग ने पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखने और उसे कानूनी व मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया है. इसके अलावा नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को NMC Act, 2019 के तहत आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है.

7 दिनों के भीतर मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में 7 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए हैं. वहीं सिविल लाइंस चौकी प्रभारी ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने इसे निजता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. हरिओम सिंह ने इसे मानवीय भूल बताया है. उन्होंने स्वीकार किया कि उनके मोबाइल से तस्वीर व्हाट्सएप ग्रुप और सूचना विभाग को भेजी गई थी. लापरवाही के आरोप में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को हटाया गया है और जांच समिति गठित की गई है. अब सवाल उठ रहा है कि इस गंभीर मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कब तक होगी.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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