सुल्तानपुर की चौकड़ी विधि, खाट बुनाई की पारंपरिक कला, 4 किलो बाढ़ से बनती है मजबूत चारपाई

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सुल्तानपुर की चौकड़ी विधि, खाट बुनाई की पारंपरिक कला, 4 किलो बाढ़ से बनती है मजबूत चारपाई


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सुल्तानपुर की पारंपरिक विरासत में शामिल खाट बुनाई की चौकड़ी विधि आज भी ग्रामीणों द्वारा अपनाई जा रही है. स्थानीय कारीगर योगेश कुमार के अनुसार, इस विधि में चार लेयर की रस्सी (बाढ़) का उपयोग किया जाता है, जिससे चारपाई अधिक मजबूत बनती है और धागे जल्दी नहीं टूटते. एक खाट तैयार करने में लगभग 4 किलो बाढ़ की जरूरत होती है, जबकि इसकी लागत करीब 1500 से 2000 रुपये तक आती है. इस परंपरागत कला में चौकड़ी, छकड़ी और नौकड़ी जैसी विभिन्न विधियां शामिल हैं, जिनमें चौकड़ी विधि सबसे अधिक मजबूत मानी जाती है.

सुल्तानपुर. ये जिला अपनी पारंपरिक विरासतों को लेकर काफी महत्वपूर्ण जिला माना जाता है. यहां पर अवध की संस्कृति का एक अभूतपूर्व संगम देखने को मिलता है. इन्हीं परंपराओं और संस्कृतियों में कुछ कलाएं भी हैं जिसे ग्रामीण अपने जीवन शैली में अपनाते थे. उसी में एक है चौकड़ी विधि जिसे खाट बिनने की चौकड़ी विधि कहा जाता है. इसमें जो बांस और लकड़ी के पाये की चारपाई बनाई जाती है. उसमें इस्तेमाल की जाने वाली रस्सी को चार लेयर में यानी की चार कड़ियों में तैयार किया जाता है और इसी विधि को चार कड़ी या फिर चौकड़ी विधि कहते हैं. चारपाई बनाने में बाध का इस्तेमाल किया जाता है. अगर बात करें एक खाट बनने के लिए कितने किलो बाध की आवश्यकता होती है तो योगेश ने आगे बताया कि एक खाट बिनने के लिए कम से कम 4 किलो बाध की आवश्यकता होती है. यह निर्भर करता है की खाट की लंबाई और चौड़ाई कितनी है, लेकिन सामान्य रूप से 4 किलो बाध पर्याप्त होता है. वह उसके साथ ही अगर हम ओरदावन के हिस्से को छोड़ दें तो 4 किलो बाध पर्याप्त होता है.

इस कहते हैं चौकड़ी विधि 
सुल्तानपुर में एक ग्रामीण है जिनका नाम योगेश कुमार है. वह खाट बिनते हैं और खाट में चौकड़ी विधि अपनाते हैं. वह लोकल 18 से बताते हैं कि खाट बिनने की तीन विधियां होती है. एक चौकड़ी विधि, दूसरी छकड़ी विधि और तीसरी नौकड़ी विधि. अगर हम चौकड़ी विधि की बात करें तो इसमें खाट के चार पाये पर जो बाध होता है उसकी लेयर को चार क्रम में लगाया जाता है और एक राउंड में बाध के चार लेयर होती है, जिसे चौकड़ी विधि कहा जाता है. इस विधि से खाट मिलने की परंपरा कई वर्षों पहले से चली आ रही है. चौकड़ी विधि से एक फायदा यह होता है कि खाट के धागे जल्दी नहीं टूटते और खाट मजबूत बनी रहती है.

इतना आता है खर्च 
वर्तमान समय में महंगाई का दौर है और अगर हम बात करें एक खाट बिनने और तैयार करने में कितने रुपए का खर्च आता है तो एक खाट को पूरी तरीके से तैयार करने में₹1500 से लेकर ₹2000 तक का खर्च आता है. इसके चारपाई और बांस की पाटियां बनी होती हैं हालांकि बाध को हम काट के आकार के हिसाब से बिनवा सकते हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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