महंगाई या बेरोजगारी? क्या कारण है देश की परेशानी का?
देश में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर देशभर की जनता काफी परेशान है क्योंकि युवा को कोई नौकरी नहीं मिल पा रही है और वह प्राइवेट नौकरियां से अपना खर्चा नहीं निकल पा रहे हैं क्योंकि महंगाई इतनी बढ़ रही है कि एक फैमिली में प्राइवेट नौकरी से गुजरा नहीं हो पा रहा है देश के युवा का बेरोजगार होना मतलब देश का विकास खतरे में होना सरकार का वादा कि हम इतने नौकरी देंगे वह किसी भी दावा से नौकरी नहीं दे पा रहे हैं सभी युवा परेशान हैं और इसी दौरान महंगाई इतना बढ़ गई है कि जैसे पहले बिस्किट कोलगेट या सरसों का तेल चीनी आता कितने सस्ते दामों में बिक रहे थे वह अभी सब कितने महंगे और वजन भी कटौती में भी आने लगे हैं तो युवा बेरोजगार होने के बाद महंगाई के विषय पर बहुत चिंतित हो चुके हैं बेरोजगारी एक कारण के वजह से नहीं हुई है।
बेरोजगारी कई कारण से हो सकती है इनमें से कुछ प्रमुख कारण यह भी हैं: –
1 , जनसंख्या में अधिक वृद्धि होने के वजह से कुछ युवा नौकरी हासिल नहीं कर पा रहे हैं
2 , शिक्षा की कमी की वजह से युवा नौकरी के परीक्षा पास नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण वह बेरोजगार है
3 , नौकरी की अवसर की कमी या एक प्रमुख कारण है जो युवा को बेरोजगार कर रहा है
यह तीन हो गए प्रमुख कारण इनके अलावा भी कुछ कारण निम्न है
1.कौशल विकास की कमी
2.आर्थिक मंडी
3.उद्योगों का सही से विकास ना होना
4.प्रौद्योगिकी में बदलाव
5.खराब बुनियादी ढांचा
6.कृषि संकट
7.संयुक्त परिवार प्रणाली
बेरोजगारी के कुछ और कारण;-
1.काम की तलाश करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि
2.नौकरी के लिए जरूरी कौशल और कार्यबल के कौशल
में अंतर
3.आर्थिक उतार चढ़ाव
4.नई तकनीकी का इस्तेमाल
5.शिक्षा प्रणाली में दोष
अब जैसे यहां सब कारण में से एक यह नई तकनीकी का इस्तेमाल जो नई तकनीकों जैसे इलेक्ट्रॉनिक मशीन या सब आ जाने से युवा मजदूर की जरूरत कम पड़ने लगी जैसे-जैसे कई मशीन आती गई बड़े-बड़े फैक्ट्री में नौकरी की कटौती होना शुरू हो गई यही सब कारण है देश की परेशानी का की युवा बेरोजगार बैठे हैं।
पेट्रोल और डीजल का दाम क्यों बढ़ता जा रहा है
महंगाई का एक कारण पेट्रोल और डीजल भी है या दैनिक उपयोग में आने वाली चीज है जिसकी मांग उसी हिसाब से बढ़ती जा रही है इसका महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण है कि यह इसका उत्पादन सीमित मात्रा में है जबकि पेट्रोल डीजल की खपत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है भारत में पेट्रोल डीजल महंगा होने का मुख्य कारण यह भी है कि भारत विदेशी देशों से अपने कुल जीवाश्म ईंधन आवश्यकताओं का लगभग 85% आयात करता है इसलिए अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल बाजार में कीमतें में उतार-चढ़ाव सीधे घरेलू ईंधन की कीमतों को प्रभावित करता है जब वैश्विक कच्चा तेल की कीमत बढ़ती है तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ जाती है
भारत में पेट्रोल की ऊंची कीमत क्यों है ;-
यह भी देखा जा सकता है कि पेट्रोल की बुनियादी कीमत पर उसके लगभग 90% के बराबर टैक्स लगाया जा रहा है और यही पेट्रोल व डीजल की कितनी ऊंची कीमतों का असली वजह है इतना टैक्स जो ईंधन पर लगाया जा रहा है इतना टैक्स देश में किसी भी वस्तु या सेवा पर नहीं लगता है दिन प्रतिदिन इतने वाहनों की संख्या में वृद्धि देखा जा रहा है इसके कारण ईंधन की कमी हो रही है ईंधन के दाम भी बढ़ रही है
दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं में क्यों दिख रही है इतनी महंगाई
दैनिक उपयोग में आने वाली मुख्य वस्तु जो है वह खाने की चीज हैं जैसे फल सब्जी भारत में खाद मुद्रास्कीति लंबे समय में तेजी से बढ़ रही है अक्टूबर 2024 में सब्जियों के दाम 40 परसेंट बढ़ गए जो की 5 साल में सबसे ज्यादा है दिल्ली में टमाटर का भाव 120 रुपए किलोग्राम है जबकि प्याज की कीमत 50 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम है अब सब्जियों की कीमत में 42.2 % की वृद्धि निश्चित रूप से एक बार की बात थी जो कि कई कारकों के कारण हुई जैसे कि गर्मियों में तापमान बहुत अधिक था मानसून आसमान हो गया था और सरकार के आयात शुल्क लगा दिया था इसलिए पिछले 4 सालों में खाद मुद्रास्कीति लगभग दोगुनी हो गई है यही कारण है कि लोगों का 50% से ज्यादा इनकम सब्जियों में खर्च हो जाता है इसलिए लोग और वास्तु में खर्च नहीं कर पाए क्योंकि उनकी इनकम ही काम है यह भी एक मुख्य कारण है देश की महंगाई का और अगर देश की जनता बेरोजगार है तो उनका दैनिक वस्तु का खान-पान उठाना बहुत मुश्किल है ।
महंगाई के कारण भारत देश विकसित भारत बन पाएगा
भारत सरकार का कहना है कि वह भारत को विकास की तरफ ले जाकर भारत को विकसित भारत बनाएंगे लेकिन यह हो पाना मुश्किल दिख रहा है क्योंकि भारत देश में लोगों का वेतन कम है और महंगाई इतना है कि देश की जनता आगे विकास ही नहीं कर पा रही है वह अपना जीवन किसी तरह बिता पा रही है बस क्योंकि देश की कुछ जनता युवा जो है वह तो नौकरी न मिलने की वजह से बेरोजगार बैठे हुए हैं अगर देश का विकास होना है तो महंगाई कम होनी चाहिए और वेतन भी बढ़ानी चाहिए तो लोग आगे विकास करने के बारे में भी सोचेंगे यहां तक कि अगर जीएसटीभी कम हो जाए तो लोगों को कुछ सहारा मिल सकेगा जीएसटीके वजह से ही तो इतनी महंगाई बढ़ती दिखाई दे रही है इन कुछ सालों में ।
प्रसन्न तांत्रि क्या कहना है जीएसटी को लेकर
पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में इसलिए कमी नहीं की क्योंकि एक साल पहले सरकार ने सार्वजनिक कंपनियों को भारी घाटा हुआ था क्योंकि वह बाजार दर से कम कीमत पर पेट्रोल और डीजल बेच रहे थे लेकिन पिछले वित्त वर्ष में इन कंपनियों ने अपने सभी घाटों की भरपाई कर ली और भारी मुनाफा कमाया अब पिछले वर्ष सरकार की तेल कंपनियां ने बहुत मुनाफा कमाया लेकिन पिछले दो सालों के दौरान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है अब खबर यही आता है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम हो सकती है लेकिन सरकार ऐसा कुछ कर ही नहीं रही है लोगों को पैसा देने का एक अन्य तरीका इनकम टैक्स की दर कम करना है लेकिन प्रसन्न तांत्रि का कहना है कि यदि हम जीएसटी दर कम कर दे तो हम यही उद्देश्य हासिल कर सकते हैं क्योंकि इनकम टैक्स कम करने से उपभोक्ताओं को लाभ होगा जबकि जीएसटी कम करने से उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों को लाभ होगा और भारतीय व्यवसायों के हाथ में आने वाली अतिरिक्त धनराशि का उपयोग निवेश के लिए किया जा सकेगा और यह बहुत महत्वपूर्ण है प्रसन्ना तांत्रि का कहना है कि सरकार की रणनीति गलत है सरकार अपनी राजस्व को बढ़ाने के लिए जीएसटी दरों में वृद्धि करती है इस धन का उपयोग बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए करती है उनका कहना है कि वह एक समय बाद गलत इन्वेस्टमेंट करने लगती है उनका कहना है कि सरकार प्राइवेट कंपनियों को पैसा लगाने में मदद करें जिससे जब किसी क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट करना शुरू होगा तो जब नौकरियां बनने लगेंगे और लोगों के पास पैसा आना शुरू हो जाएगा ।
दैनिक उपयोग की चीजों में भी लगा दिया जीएसटी
सरकार ने दैनिक उपयोग की वस्तु में भी जीएसटी लगा दिया है जैसे पैकेट वाला आता , पनीर ,मक्खन ,लस्सी ,दही ,दाल, चावल ,इन सभी दैनिक उपयोगी वस्तुओं पर 5% जीएसटी लगा है और समझने वाली बात यह है कि जीएसटी केवल 25 किलोग्राम के वजन वाले पैकेट पर ही लगता है यदि पैकेट का वजन पर 25 किलोग्राम से अधिक का है तो उसे पर किसी भी तरह का जीएसटी नहीं लगता। ऐसा नियम किस लिए बनाया गया ताकि इन बड़ी कंपनियों को फायदा हो क्योंकि बड़ी कंपनियां थोक में चीज खरीदती है और इससे उन्हें टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं पड़ती । और जो आम जनता है जो छोटे व्यापारी है वह थोड़ा-थोड़ा सामान खरीदते हैं जिससे उन्हें जीएसटी देना पड़ता है जीएसटी के कारण दूध की कीमत भी बढ़ गई है जीएसटी आने के बाद लगभग 80% दवाइयां को 12% जीएसटी के स्लैब में शामिल कर दिया गया है जबकि पहले इस पर 9% की दर से ही टैक्स लगता था इसलिए दवाइयां के दाम भी बढ़ गए हैं।
आम जनता घर या गाड़ी क्यों नहीं ले पा रहे हैं
किसी भी आम आदमी का एक सपना होता है की एक अपनी गाड़ी हो और एक अपना घर हो यह दोनों ही चीज पूरी तरह से अप्राप्य हो गई है भारत में एक कार की बिक्री पर कर निर्माता को मिलने वाली राशि सरकार को मिलने वाले टैक्स से कम होती है जब हम एक गाड़ी खरीदने हैं तो उसे पर 28% जीएसटी लगता है फिर आकार इंजन और अन्य विशेषताओं के आधार पर उपकार और अन्य टैक्स लगते हैं 4 मीटर से कम लंबाई वाली 1200 सीसी कार के लिए टैक्स 29% है तथा 4 मीटर से बड़ी लंबी 1500 सीसी तक की कार पर 45% टैक्स लगता है और यदि गाड़ी खरीदने के बाद आप गाड़ी रोड पर चलाएंगे तो आपको विभिन्न स्थानों पर टोल टैक्स भी देना होगा और घर खरीदने पर भी आपको कई प्रकार के टैक्स देने पड़ेंगे जो घर 2019 में ₹7000 रुपए स्क्वायर फीट में मिल रहा था वह बढ़ के 19000 रुपए से ज्यादा का स्क्वायर फीट बिक रहा है तो इसी तरह एक आम जनता घर या गाड़ी नहीं ले पा रहा है वह अपना जीवन का खर्च चलाने में ही परेशान है वह घर या गाड़ी क्या ही ले पाएगा तो टैक्स ने जनता को बहुत परेशान करके रखा है
आम आदमी किन चीजों पर खर्च कर सकता है
एक आम आदमी अपने बच्चों को स्कूल में शिक्षा पर प्राइवेट स्कूल में औसतन वार्षिक फीस डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गई है यदि दो बच्चे हैं तो उसे ₹3 लख रुपए खर्च करने होंगे यह मासिक 25000 रुपए हैं इसके अलावा गर्मियों में गर्मी से बचने के लिए आम आदमी अगर घर में AC की आवश्यकता होगी तो उसे उसपर 28% जीएसटी लगता है एक सामान्य परिवार के घर में खाने की सामग्री रखने के लिए फ्रिज की आवश्यकता होगी उसे उस पर भी 18 पर्सेंट जीएसटी है आपके नल से पानी पीने लायक नहीं आ रहा है वह गंदा पानी आ रहा है जिसे आप पी नहीं सकते हैं तो आपको वॉटर प्यूरीफायर खरीदना होगा उसे पर 18% जीएसटी का भुगतान करना होगा यदि बाहर की जहरीली हवा से बचाना है तो रहने के लिए आपको एयर प्यूरीफायर खरीदना होगा उसे पर भी 18% जीएसटी भी देना होगा तो आम आदमी या सब कहां से कर सकेगा। इतनी महंगाई पर बेरोजगारी के कारण ।
निष्कर्ष
सब कुछ बिल्कुल स्पष्ट है कि अगर महंगाई कम ना हुई और बेरोजगार युवा को नौकरी न मिली तो भारत का अर्थव्यवस्था खत्म हो जाएगा युवा का बेरोजगार होने का मतलब है कि भारत का विकास रुक जाना इसमें सरकार को नजर रखते हुए महंगाई और जीएसटी टैक्स को कम करना चाहिए ताकि आम आदमी अपना खर्चा आसान से निकल सके और जो युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं उनके लिए नौकरी निकली जाए प्राइवेट जॉब खोला जाए जिससे वह कुछ इनकम बना सके और अपना भविष्य सुधर सके क्योंकि सारे युवा के मन में यही है कि महंगाई और बेरोजगारी का हल निकालना ही होगा सरकार को अगर ऐसा ना हुआ तो भारत के आने वाले दिन बहुत खराब देखने को मिल सकते हैं