कैंसर एक भयानक बीमारी, जिसने ली कई लोगों की जान- क्या है कैंसर का असर ग्रामीण लोगो के ऊपर
कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका डर ग्रामीण के लोगों को शायद से सबसे ज्यादा सताता है ग्रामीण के लोगों ने कई ऐसे इंसान देखे होंगे जिसने ना कभी जिंदगी में ना तो शराब पी होगी और ना कभी धूम्रपान किया होगा लेकिन फिर भी उसे कैंसर हो गया । ऐसा कैसे हो सकता है दूसरी तरफ ऐसे भी कई लोग है जिन्होंने जिंदगी भर ध्रुमपान किया शराब पी लेकिन फिर भी उन्हें कैंसर नहीं हुआ सच बात यह है कि कैंसर अपने आप में एक बड़ा जटिल विषय है इसमें कोई संदेह नहीं है कि शराब पीने से सात प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है जैसे कि ,लिवर कैंसर , स्तन कैंसर, ग्रासनली कैंसर, आदि कैंसर का खतरा बढ़ जाता है और धूम्रपान से 16 विभिन्न प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है जिसमें ,फेफड़े का कैंसर ,मुंह का कैंसर , गले का कैंसर ,अग्नाशय का कैंसर ,आदि तरह के कैंसर शामिल है ।
लेकिन कैंसर के केवल 16 प्रकार ही नहीं है ।बल्कि कैंसर 200 से अधिक प्रकार का होता है । जो शरीर के उस हिस्से पर निर्भर करता है । जहां से यह शुरू होता है इसलिए शराब और ध्रुमपान निश्चित रूप से कैंसर के पीछे दो प्रमुख कारण है। लेकिन इसके अलावा भी कैंसर के कई अन्य कारण हैं
कैंसर का उपचार कैसे करे
कैंसर का सबसे प्रसिद्ध उपचार कीमोथेरेपी है या ऐसा थेरेपी है जिसमें एक शक्तिशाली रसायन का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को मारने की प्रक्रिया करती है इस प्रक्रिया को कीमोथेरेपी के नाम से जाना जाता है इस प्रक्रिया का सबसे बड़ी समस्या यह है कि यद्यपि यह शक्तिशाली रसायन कैंसर कोशिकाओं को मार देते हैं लेकिन वह कुछ अच्छी स्वस्थ कोशिकाओं को भी मार देते हैं कीमोथेरेपी रसायन उन कोशिकाओं को लक्षित करते हैं जो विभाजन की प्रक्रिया के मध्य में होती है इसलिए कैंसर कोशिकाओं के साथ-साथ शरीर की तेजी से प्रनजीवित होने वाले स्वस्थ कोशिकाओं पर भी हमला होता है कीमोथेरेपी के दौरान जो लोग कीमोथेरेपी करवा रहे होते हैं वह अक्सर गंजे हो जाते हैं तो कीमोथेरेपी करवाने के साथ-साथ डाइट भी कंट्रोल करना चाहिए वहीं कुछ कारण के वजह से हमारे प्लेट रेट कम हो जाते हैं जिसे हमें विभिन्न तरह के बीमारी होने लगती है जैसे उल्टी आना, दस्त लगना, चक्कर आना, तो कैंसर के लिए एक उपचार बहुत बेहतरीन है लेकिन सावधानीपूर्वक किया जाए तो।
कैंसर के शुरुआती लक्षण कैसे होते हैं
कैंसर के शुरुआती लक्षण कई प्रकार के हो सकते हैं जिनमें से कुछ आम तौर पर होने वाले लक्षण यह भी हैं
1. बहुत थकावट महसूस होना जो आराम करने के बावजूद भी काम ना हो
2. स्किन के अंदर की तरफ गांठ जैसा महसूस होना या त्वचा का मोटा होना
3. अचानक वजन बढ़ाना या काम हो जाना
4. त्वचा पर नए तिल आना तिल का रंग बदलना
5. सांस लेने में तकलीफ होना भरी सांस लेना
6. मुंह में छाला होना जो काफी समय से ठीक नहीं हो रहे हो
7. खून के थक्के बना आदि।
कैंसर के कुछ और कारण :=बुखार आना,भूख में कमी , लंबे समय तक खांसी आना आदि ,
कैंसर के लक्षण कैंसर के बढ़ने के साथ-साथ बदतर हो सकते हैं
कैंसर के कुछ और लक्षण ;-
1. दिमागी ट्यूमर की वजह से सिर मैं अधिक दर्द ।
2. सिर गर्दन और भोजन नली कैंसर से दर्द सूजन
3. पैरों की नशे में खून के थक्के बनना
4. फेफड़ों में वायु मार्ग को संकुचित या अवरुद्ध करना
कैंसर के यही कुछ विभिन्न लक्षण है आमतौर पर मनुष्य
के शरीर में या देखे जा सकते हैं ।
ग्रामीण के लोगों ने कैंसर से बचाव के लिए कुछ उपाय बताएं।
ग्रामीण के लोगों का कहना है कि कैंसर एक भयानक बीमारी है इसलिए उन सब का कहना है कि अपने परिवार के स्वास्थ्य इतिहास को जाने और अनुशासित कैंसर का जांच करवाई और तंबाकू जैसी चीज ना खाए धूमपान और शराब इन सब का प्रयोग ना करें अपने शरीर को ज्यादा धूप में ना निकले घर के अंदर रहे नही तो गर्मी के मौसम में धूप में निकलने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है पौधे आधारित आहार खाएं जैसे हरी सब्जियां फल फ्रूट का सेवन करें उनका कहना है कि अपना वजन को स्वस्थ वजन बनाएं रखें जो की शारीरिक रूप से सक्रिय रहे ज्यादा वजन से हमारे शरीर भारी हो जाती है जो बिल्कुल भी सही नहीं है
ग्रामीण के चिकित्सक और लोगों ने कहा कि यह कुछ
उपाय है जो मनुष्य को बरतने चाहिए
स्टेम सेल ट्रांसप्लांट क्या है या क्यों होता है
स्टेम सेल ट्रांसप्लांट एक सर्जरी की तरह होता है जब कीमोथेरेपी के कारण कैंसर कोशिकाएं खत्म हो जाती है तब या कराया जाता है क्योंकि जो रक्त कोशिकाएं नष्ट हुए हैं उन्हें स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के कारण रिकवर किया जाता है यह रक्त कैंसर और रक्त विकार वाले रोगियों के लिए एक उपचार है कुछ मामलों में रोगी को उसकी अपनी स्वास्थ्य स्वस्थ स्टेम सेल दी जाती है ऐसे मामलों को ऑटोलागश स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के नाम से जाना जाता है इस सर्जरी में मरीज के एक हाथ से रक्त जाता है एक एफरेसिस मशीन में उसमें स्टेम कोशिकाओं को अलग किया जाता है तथा बचा हुआ खून को दूसरे हाथ के माध्यम से वापस भेजा जाता है कीमोथेरेपी से कैंसर कोशिकाओं के समाप्त कर दिया जाता है और फिर स्टेम कोशिकाओं को वापस लौटा दिया जाता है इसी को स्टेमसेल ट्रांसप्लांट कहा जाता है
कैंसर का इलाज
कैंसर का इलाज कई तरह से किया जाता है जैसे की सर्जरी कीमोथेरेपी रेडिएशन थेरेपी आईएमयू थेरेपी और हार्मोन थेरेपी कैंसर के इलाज का तरीका कैंसर के प्रकार और चरण पर निर्भर करता है
कैंसर के इलाज के कुछ तरीके;-
सर्जरी -कैंसर के प्रभावित हिस्से को निकालने के लिए की जाने वाली प्रक्रिया।
कीमोथेरेपी – कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है
रेडिएशन थेरेपी – गामा रेडिएशन की मदद से असामान्य रूप से बढ़ रही कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है
इम्यूनोथेरेपी – इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने के लिए मजबूत बनाया जाता है
हार्मोन थेरेपी – हार्मोन थेरेपी में हार्मोन से प्रभावित कैंसर का इलाज किया जाता है
लक्षित चिकित्सा – लक्षित चिकित्सा में छोटे अणुं वाली दवाएं या मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का इस्तेमाल किया जाता है
कैंसर के प्रकार
कैंसर के कई प्रकार होते हैं कैंसर का नाम उसे अंग के नाम पर रखा जाता है जहां से या शुरू होता है कैंसर के कुछ प्रकार यह भी हैं
1 .ब्लड कैंसर
2 .फेफड़े का कैंसर
3 .स्किन कैंसर
4 .ब्रेन कैंसर
5 . स्तन कैंसर
6 .मुंह का कैंसर
7 . लीवर कैंसर
8 .बोन कैंसर
9 . पेट का कैंसर
10 .सर्वाइकल कैंसर
यह सब कैंसर के मुख्य प्रकार हैं कैंसर के कुछ और प्रकार भी हैं जैसे ल्यूकेमिया,लिगफोमा ,मायलोमा,कार्सिनोमा,सारकोमा,जर्म सेल टयूमर, न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर
कैंसर के पांच मुख्य प्रकार त्वचा कैंसर के अलावा संयुक्त राज्य अमेरिका में पांच सबसे आम कैंसर बताए हैं जिसमें से स्तन कैंसर प्रोस्टेट कैंसर फेफड़े का कैंसर कोलोरेक्टल कैंसर और मेलानोमा है लेकिन 100 से ज्यादा कैंसर के प्रकार और प्रकार हैं
इन सब में से सबसे घातक कैंसर मेलानोमा कैंसर होता है यह सबसे खतरनाक त्वचा कैंसर होता है
भारत में कैंसर के अभी तक कुल कितने मामले सामने आ चुके हैं
भारत में कैंसर के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है साल 2020 में भारत में कैंसर के करीब 1.39 मिलियन मामले सामने आए साल 2021 में या संख्या बढ़कर 1.42 मिलियन हो गए और साल 2022 में 1.46 मिलियन हो गई साल 2025 तक कैंसर के मामले में 12.8 % की बढ़ोतरी होने की अनुमान लगाई गई है
निष्कर्ष
कैंसर एक गंभीर बीमारी है जिसके दर देश भर में फैला हुआ है इस बीमारी की दवाइयां तो बन चुकी है लेकिन यह बीमारी किसी को ना हो इसका उपाय करना चाहिए कैंसर से बचाव के लिए पहले तो जीवन शैली पर ध्यान देना आवश्यक होगा अपना वजन पर ध्यान रखना होगा अमेरिकन कैंसर सोसायटी के द्वारा 2017 की विश्लेषण में बताया गया की अच्छी खबर यह है कि 42% कैंसर के मामले को रोका जा सकता है क्योंकि वह जीवन शैली संबंधी कारकों के कारण होते हैं दुनिया भर में कैंसर के 19% मामले धूम्रपान के कारण होते हैं 5.6 परसेंट शराब के कारण होते हैं
बताया बिल्कुल स्पष्ट है की सबसे पहले शराब और धूमपान कभी भी आपके जीवन का हिस्सा नहीं होना चाहिए दूसरा यदि आप अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त है तो अपना वजन सही सीमा में रखें क्योंकि कैंसर के 7.8 परसेंट मामले मोटापे के कारण होते हैं तीसरा यूवी विकिरण लगभग 4.7% मामले यूवी विकिरण के कारण होते हैं या सूरज के हानिकारक पारबेगनी किरणें क्योंकि सूरज के पारबेगनी किरणें अगर ज्यादा है तो यह आपकी त्वचा में प्रवेश कर आपके डीएनए को नुशकान पहुंचती है जिसके परिणाम स्वरुप त्वचा कैंसर होता है इससे बचाव के लिए दो तरीके हैं पहले तो यह की सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक धूप में ना निकले ये वह समय है जब यूवी सूचाकक सबसे अधिक होता है विशेष कर गर्मियों में सर्दियों में यह उतना नहीं होता और दूसरा यह है कि अगर आपको इस समय में धूप में बाहर जाना पड़े तो सनक्रीम लगाना महत्वपूर्ण है
चौथा लगभग 5% कैंसर के मामले शारीरिक निष्कर्ता और खराब आहार के कारण होते हैं अपने आहार से प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और अतिरिक्त चीनी को हटा दें और विभिन्न प्रकार के रंगीन सब्जियां फल जामुन मेवे जड़ी बूटियां साबुत अनाज फलियां दूध अंडे आदि को शामिल करें यह पैकेज फूड में अक्सर ऐसे रसायन होते हैं जो कैंसर कार्य होते हैं और कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं जिससे कैंसर होने की खतरा बढ़ता है
(यह कुछ बदलाव अपने जीवन शैली में लाने से आप कैंसर जैसी गंभीर खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं)