हाईकोर्ट ने क्यों फ्रीज किए लखनऊ मेयर के प्रशासनिक-वित्तीय अधिकार? DM को सौंपा ये जिम्मा

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हाईकोर्ट ने क्यों फ्रीज किए लखनऊ मेयर के प्रशासनिक-वित्तीय अधिकार? DM को सौंपा ये जिम्मा


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Lucknow News : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार फ्रीज कर दिए हैं. हाईकोर्ट ने पार्षद को शपथ नहीं दिलाने पर लखनऊ मेयर के खिलाफ फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर इसके बाद भी मेयर ने शपथ नहीं दिलाई तो जिलाधिकारी या नगर आयुक्त उनका काम संभालेंगे. वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से ललित किशोर तिवारी को पार्षद पद पर निर्वाचित घोषित किया गया था.

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हाईकोर्ट ने लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ फैसला सुनाया.

लखनऊ. राजधानी लखनऊ से बड़ी खबर सामने आ रही है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ ऐसा आदेश दिया, जिससे हड़कंप मच गया है. लखनऊ मेयर पर वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से निर्वाचित पार्षद को शपथ न दिलाने का आरोप है. हाईकोर्ट ने पार्षद को शपथ नहीं दिलाने पर लखनऊ मेयर के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को फ्रीज कर दिया है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगर इसके बाद भी मेयर ने शपथ नहीं दिलाई तो जिलाधिकारी या नगर आयुक्त उनका काम संभालेंगे.

और क्या कहा
वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से सत्र अदालत के ललित किशोर तिवारी को पार्षद पद पर निर्वाचित घोषित किया गया. इस फैसल के पांच महीने बाद भी उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई. इसी केस में हाईकोर्ट ने लखनऊ की मेयर खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार को सीज कर दिया है. यह आदेश जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस कमर हसन रिजवी की बेंच ने दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब तक कोर्ट से निर्वाचित घोषित पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज रहेंगे.

सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं
कहा जा रहा है कि मेयर पक्ष हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत पाने में विफल रहा. इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया. हाईकोर्ट ने यह कार्रवाई अपने आदेश का पालन न होने पर की है. चुनाव न्यायाधिकरण ने 19 दिसंबर 2025 को पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन निरस्त करते हुए ललित किशोर तिवारी को निर्वाचित घोषित किया था. इसके बावजूद उन्हें पार्षद पद की शपथ नहीं दिलाई गई. इस देरी को लेकर हाईकोर्ट में याचिक दायर की गई. हाईकोर्ट ने पहले लखनऊ मेयर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को तलब किया था.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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