यूपी में कब होगा पंचायत चुनाव? तारीख हो गई फाइनल! अगर हुआ लेट, तो कौन देखेगा प्रधानों का क
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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं. इस बीच जानकारी यह मिल रही है कि पंचायती राज विभाग ने योगी सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है. प्रस्ताव में ग्राम प्रधानों के कार्यकाल खत्म करने की मांग की गई है. साथ ही पंचायत के कामकाज के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की भी मांग की गई है.
यूपी में अभी और आगे तक टल सकता है पंचायत चुनाव.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तस्वीर साफ होने लगी है. सूबे में पंचायत चुनाव को लेकर लगाई जा रही अटकलें खत्म होने वाली हैं और संभावना जताई जा रही है कि अब अगले साल यानी कि 2027 में पंचायत चुनाव होगा. क्योंकि पंचायती राज विभाग ने सीएम योगी आदित्यनाथ को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म करने और फिर गांवों में प्रशासकों को नियुक्ति की मांग की है.
ग्राम प्रधानों का काम प्रशासक या समितियां देखेंगी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्ताव में सूबे की 57 हजार 965 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासकों की नियुक्ति या प्रशासनिक समितियों के गठन का सुझाव दिया गया है. हालांकि यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और इसपर जल्द ही सरकार की तरफ से फैसला लिया जा सकता है. दरअसल, ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को बढ़ाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है. ऐसे में सरकार प्रशासकों की नियुक्ति कर सकती है.
कौन बनेंगे प्रशासक, जो देखेंगे पंचायतों का काम
इसके अलावा ग्राम पंचायत सहायकों को भी प्रशासक बनाया जा सकता है. जो चुनाव होने तक पंचायतों के सभी कामकाज को देखेंगे. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1947 की धारा 12(3A) के तहत राज्य सरकार या जिला प्रशासन प्रशासनिक समिति गठित कर सकता है या प्रशासक नियुक्त कर सकता है. इन समितियों में ग्राम प्रधान या सरकार द्वारा नियुक्त अध्यक्ष इस समिति का नेतृत्व करेगा. जबकि वार्ड सदस्य और ग्राम पंचायत सहायक इसके सदस्य होंगे.
अभी पंचायत मतदाता सूची भी नहीं हुई तैयार
आपको बता दें कि अभी पंचायत मतदाता सूची भी पूरी तरह से तैयार नहीं हुई है. अंतिम मतदाता सूचनी 10 जून को जारी होगी. सूत्रों का कहना है कि पंचायत चुनाव अगले साल हो सकते हैं. संभावना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं. वहीं पंचायत चुनाव से पहले राज्य मंत्रिमंडल ने पंचायत चुनावों में ओबीसी रिजर्वेशन फाइनल करने के लिए ओबीसी आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. आयोग छह महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद आरक्षण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें