तितलियां, तालाब और हरियाली…गाजियाबाद में बनने जा रहा है ऐसा खूबसूरत नेचर पार्क
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Ghaziabad News: गाजियाबाद और मोदीनगर के रहने वालों के लिए अब एक अच्छी खबर है. कंक्रीट के जंगलों और बढ़ते शोर-शराबे के बीच अब प्रकृति की गोद में सुकून के कुछ पल बिताना बहुत आसान होने वाला है. प्रशासन की ओर से अब शहर में ही रंग-बिरंगी तितलियों का बसेरा और जंगल जैसा अहसास देने वाला वॉकिंग पाथवे तैयार किया जा रहा है. कविनगर के बटरफ्लाई गार्डन से लेकर मोदीनगर की फॉरेस्ट रेल तक, ये नए प्रोजेक्ट न सिर्फ शहर की फिजाओं में ताजगी भरेंगे, बल्कि बच्चों और युवाओं को पर्यावरण की बारीकियां भी सिखाएंगे.
गाजियाबाद: जिले के लोग जल्द ही पार्कों में सिर्फ टहलने ही नहीं, बल्कि प्रकृति के रंगों को देखने जाएंगे. जिला उद्यान अधिकारी निधि सिंह ने बताया कि जिला उद्यान विकास समिति की बैठक में कई नई योजनाओं को मंजूरी दी गई है. इनमें सबसे खास है कविनगर स्थित राजकीय पौधशाला में बनने वाला ‘बटरफ्लाई गार्डन’. इस गार्डन को महज एक पार्क की तरह नहीं, बल्कि एक ‘नेचर लर्निंग सेंटर’ के रूप में तैयार किया जाएगा.
इस गार्डन में ऐसे विशेष पौधे लगाए जाएंगे, जो तितलियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. इससे वहां हर तरफ रंग-बिरंगी तितलियां उड़ती दिखाई देंगी. इसके अलावा, यहां एक सुंदर वॉकिंग पाथवे बनाया जाएगा और साथ ही एक छोटा तालाब भी तैयार किया जाएगा, ताकि पूरा माहौल किसी प्राकृतिक जंगल जैसा लगे. बच्चों और युवाओं के लिए यह जैव विविधता को समझने का एक शानदार केंद्र बनेगा.
मोदीनगर में ‘फॉरेस्ट रेल’, जंगल जैसे रास्ते पर सैर का आनंद
तितलियों के गार्डन के साथ-साथ मोदीनगर में भी एक नया प्रोजेक्ट आने वाला है, जिसका नाम है ‘फॉरेस्ट रेल’. फॉरेस्ट रेल का मतलब है जंगल के बीच से गुजरने वाला एक प्राकृतिक वॉकिंग पाथवे. इसे मोदीनगर के पहले से मौजूद फलों के बगीचे में बनाया जाएगा, जहां आम और नाशपाती के पेड़ पहले से ही लहलहा रहे हैं.
यह बगीचा करीब तीन हेक्टेयर में फैला हुआ है. यहां लोगों को बिल्कुल जंगल जैसा अहसास मिलेगा. यहां भी पाथवे के किनारे एक छोटा तालाब बनाया जाएगा, जिससे जगह की खूबसूरती और बढ़ जाएगी. यह जगह उन लोगों के लिए बेहतरीन होगी जो प्रकृति के शांत वातावरण में सुकून की तलाश में रहते हैं.
अब घर की छत पर उगाएं ताजी सब्जियां, मिलेंगी खास वर्कशॉप
उद्यान विभाग सिर्फ नए गार्डन ही नहीं बना रहा, बल्कि लोगों को गार्डनिंग के लिए भी जागरूक कर रहा है. कविनगर पौधशाला में जल्द ही खास वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी. इन वर्कशॉप का मुख्य मकसद लोगों को ‘रूफटॉप गार्डनिंग’ और ‘किचन गार्डनिंग’ सिखाना है. इन ट्रेनिंग सत्रों में एक बार में 50 से 100 लोगों को शामिल किया जाएगा. टेक्निकल एक्सपर्ट्स लोगों को सिखाएंगे कि कैसे वे कम जगह में भी अपने घर पर पौधे लगा सकते हैं और उनकी देखभाल कैसे करनी है. इससे लोगों का जुड़ाव पेड़-पौधों से बढ़ेगा.
पर्यावरण संरक्षण की नई उम्मीद
एनसीआर (NCR) में लगातार कम होती हरियाली को देखते हुए ये परियोजनाएं बहुत अहम भूमिका निभाएंगी. विभाग का कहना है कि इन योजनाओं से न केवल शहर में हरियाली बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता भी आएगी. साथ ही, ये जगहें आने वाले समय में पर्यटन के नए केंद्रों के रूप में भी उभरेंगी. विभाग ने इन सभी परियोजनाओं को अगले एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है. यानी अगले साल तक गाजियाबाद और मोदीनगर की फिजाओं में हरियाली का एक अलग ही रंग देखने को मिलेगा.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें