UP में पंचायत सहायकों की बगावत,ऑनलाइन हाजिरी लगाने से किया साफ मना, आखिर क्यों
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Mahoba News: यूपी के महोबा में पंचायत सहायको ने मानदेय वृद्धि को लेकर मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को दो हफ्ते का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो 15 जून को लखनऊ में प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया जाएगा. कबरई ब्लॉक अध्यक्ष अमित शिवहरे के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन हुआ.
महोबा में पंचायत सहायकों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा
महोबा. यूपी के महोबा में पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कबरई ब्लॉक अध्यक्ष अमित शिवहरे के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक पंचायत सहायकों ने सहायक विकास अधिकारी को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा. पंचायत सहायकों का कहना है कि मात्र 6 हजार रुपए के अल्प मानदेय में उनसे चौबीसों घंटे और अन्य विभागों का भी काम लिया जा रहा है. अपनी मांगों के समर्थन में पंचायत सहायकों ने 14 जून तक ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार शुरू कर दिया है और 15 जून को लखनऊ के इको गार्डन में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.
महोबा जनपद अंतर्गत कबरई ब्लॉक में पंचायत सहायक अपनी बदहाली और शोषण के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष अमित शिवहरे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए सहायक विकास अधिकारी राकेश कुमार को एक ज्ञापन सौंपा. इस दौरान रोशनी, अनीता, रविंद्र, लक्ष्मी विश्वकर्मा और रोहित कुमार समेत तमाम पंचायत सहायक मौजूद रहे. पंचायत सहायकों की मुख्य मांग है कि वर्तमान में मिल रहे 6 हजार रुपए को बढ़ाकर 30 हजार रूपये प्रति माह किया जाए या राज्य की न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए.
स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने की मांग
इसके साथ ही, वे अनुबंध व्यवस्था को समाप्त कर एक स्थायी और स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने की मांग कर रहे हैं. महिला पंचायत सहायकों ने शादी के बाद ट्रांसफर और समायोजन की नीति तय करने, विभागीय पहचान पत्र जारी करने और सभी को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की भी पुरजोर मांग उठाई है. प्रदर्शनकारियों का दर्द है कि ग्राम पंचायत स्तर पर आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जैसी तमाम डिजिटल और सीएससी सेवाएं देने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलतीं.
14 जून तक का समय
ग्राम पंचायत बरबई की पंचायत सहायक रोशनी ने बताया कि उनके काम के घंटे तय नहीं हैं. सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक, जब भी विभागीय साइट चलती है, उन्हें काम करना पड़ता है. इतना ही नहीं, पंचायत सहायकों से बिना किसी अतिरिक्त पारिश्रमिक के दूसरे विभागों का भी काम कराया जा रहा है. इसलिए वे काम के लिए विभागीय एंड्रॉयड फोन, इंटरनेट-स्टेशनरी का बजट और ग्राम विकास अधिकारी भर्ती में 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की मांग कर रहे हैं. कबरई ब्लॉक के 94 ग्राम पंचायतों के इन सहायकों ने साफ कर दिया है कि 14 जून तक वे ऑनलाइन हाजिरी और मोबाइल आधारित कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे. यदि दो सप्ताह में सरकार ने उनकी 14 सूत्रीय मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो 15 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदेश स्तरीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. वहीं, सहायक विकास अधिकारी राकेश कुमार ने आश्वासन दिया है कि मानदेय वृद्धि और तकनीकी संसाधनों से जुड़े इस ज्ञापन को उच्च अधिकारियों को भेजा जा रहा है.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें