‘BJP को धर्म से ज्यादा धन से प्यार!’ अखिलेश ने राम मंदिर दान चोरी पर बोला हमला

0
‘BJP को धर्म से ज्यादा धन से प्यार!’ अखिलेश ने राम मंदिर दान चोरी पर बोला हमला


Last Updated:

Akhilesh Yadav on Ram Mandir Donation Theft: अपने संसदीय क्षेत्र कन्नौज पहुंचे समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित दान चोरी मामले पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है. अखिलेश यादव ने एसआईटी (SIT) जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर से सीसीटीवी फुटेज का गायब होना बेहद दुखद है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को धर्म से ज्यादा धन से प्यार है और इस घटना ने सनातन परंपरा को गहरी ठेस पहुंचाई है. सपा सुप्रीमो ने पुजारियों से पूछताछ किए जाने पर भी आपत्ति जताई है.

Zoom

राम मंदिर को लेकर अखिलेश यादव का बड़ा आरोप.

कन्नौज: अखिलेश यादव रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित चंदा चोरी और गबन के मामले पर बेहद तीखा और बड़ा बयान दिया है. एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद छिड़े इस विवाद में अब अखिलेश यादव की एंट्री से उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है. सपा सुप्रीमो ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नीयत पर सवाल उठाते हुए उसे ‘धनलोभी’ करार दिया है.

कन्नौज में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में जो कुछ भी हो रहा है, वह बेहद शर्मनाक और करोड़ों भक्तों की आस्था पर कुठाराघात है. उन्होंने भावुक और आक्रामक लहजे में कहा, ‘हम कभी भी यह स्वीकार नहीं कर सकते कि भगवान के पवित्र चढ़ावे के बारे में भी इस तरह की चोरी और घोटाले की खबरें सामने आएंगी. यह देश के उन करोड़ों हिंदुओं का अपमान है जो अपनी गाढ़ी कमाई का अंश प्रभु के चरणों में अर्पित करते हैं.’

SIT की निष्पक्षता पर खड़े किए गंभीर सवाल

अखिलेश यादव ने इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली और उसकी स्वायत्तता पर भी उंगली उठाई है. उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को घेरते हुए कहा, “सरकार ने चौतरफा दबाव के बाद एसआईटी का गठन तो जरूर कर दिया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या यह सरकार एसआईटी को पूरी निष्पक्षता के साथ काम करने देगी? क्या सच में दोषियों के नाम सामने आने दिए जाएंगे या फिर जांच को राजनीतिक रसूख के तले दबा दिया जाएगा?”

सीसीटीवी फुटेज गायब होने पर जताया दुख

अखिलेश यादव ने जांच के दौरान सामने आ रही गड़बड़ियों पर बात करते हुए एक बड़ा खुलासा किया और कहा, ‘मंदिर परिसर से सीसीटीवी (CCTV) के फुटेज का गायब होना बेहद दुखद और संदेहास्पद है. इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि सबूतों को ढूंढने के बजाय अब मंदिर के निर्दोष पुजारियों से पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है, जो कि पूरी तरह से गलत है.’ उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए आगे कहा कि हमने और आपने पहले भी देखा है कि किस तरह राजनीतिक फायदों के लिए पूज्य शंकराचार्य जी तक को अपमानित होना पड़ा था.

भाजपा को धर्म से नहीं, धन से है प्यार

सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर सबसे बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि इस पूरी घटना ने भारतीय जनता पार्टी के असली चेहरे को बेनकाब कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने यह पूरी तरह साबित कर दिया है कि उन्हें धर्म और आस्था से ज्यादा धन से प्यार है. इन्होंने हमारी प्राचीन सनातन परंपरा को इतनी बड़ी ठेस पहुंचाई है, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था.’ हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि चाहे कितनी भी रुकावटें आएं, इस मामले की पूरी सच्चाई जनता के सामने जरूर आएगी..

कन्नौज दौरे पर पहुंचे अखिलेश यादव ने राम मंदिर मामले में क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा को धर्म से ज्यादा धन से प्यार है. उन्होंने यह भी कहा कि भगवान के पवित्र चढ़ावे में चोरी की खबरें आना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इसने सनातन परंपरा को गहरी ठेस पहुंचाई है.

मंदिर के सबूतों और पुजारियों को लेकर अखिलेश यादव ने क्या दुख जताया?
अखिलेश यादव ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि मंदिर के सीसीटीवी फुटेज गायब हैं. उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि असली दोषियों को पकड़ने के बजाय मंदिर के पुजारियों से पूछताछ करने की बात कही जा रही है.

अखिलेश यादव ने शंकराचार्य जी का जिक्र किस संदर्भ में किया?
पुजारियों से पूछताछ के संदर्भ में अखिलेश यादव ने अतीत की घटनाओं को याद दिलाते हुए कहा कि पहले भी पूज्य शंकराचार्य जी को इसी तरह अपमानित होना पड़ा था. अब फिर से धर्म से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है.

About the Author

authorimg

Deep Raj DeepakSub-Editor

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *