ग्रेटर नोएडा की तरह बसाया जाएगा ग्रेटर कानपुर, होश उड़ा देगा KDA का ये प्लान
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Kanpur News : केडीए का दावा है कि एक साल के भीतर मेडि सिटी, नॉलेज सिटी और ईवी पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर दिखाई देने लगेंगे. ग्रेटर कानपुर योजना कानपुर नगर और कानपुर देहात के बीच चयनित गांवों में विकसित की जाएगी. इसके लिए भैरमपुर, गढ़ी, इटरा, कैंधा, रामपुर भीमसेन, सोना और रामपुर खास समेत सात गांवों को चिन्हित किया गया है. यह योजना केडीए के मास्टर प्लान का हिस्सा है. इसे कानपुर के विकास की सबसे बड़ी परियोजना माना जा रहा है.
कानपुर. यूपी के कानपुर शहर के सुनियोजित विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने ग्रेटर कानपुर योजना को गति देना शुरू कर दिया है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कंसलटेंट का चयन कर लिया गया है और अब जमीन खरीदने की प्रक्रिया की तैयारी चल रही है. केडीए अधिकारियों का दावा है कि आने वाले एक साल के भीतर मेडि सिटी, नॉलेज सिटी और ईवी पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर दिखाई देने लगेंगे. केडीए के चीफ टाउन प्लानर मनोज कुमार के अनुसार, ग्रेटर कानपुर को भविष्य के आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है. यह परियोजना कानपुर नगर और कानपुर देहात के बीच चयनित गांवों में विकसित की जाएगी. इसके लिए भैरमपुर, गढ़ी, इटरा, कैंधा, रामपुर भीमसेन, सोना और रामपुर खास समेत सात गांवों को चिन्हित किया गया है.
आवासीय कॉलोनी तक सीमित नहीं
केडीए की यह योजना सिर्फ आवासीय कॉलोनी तक सीमित नहीं होगी. अधिकारियों का कहना है कि यहां रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग को एक साथ जोड़कर एक आधुनिक शहर विकसित किया जाएगा. जिस तरह ग्रेटर नोएडा ने दिल्ली-एनसीआर के विकास को नई दिशा दी, उसी तरह ग्रेटर कानपुर भी भविष्य में प्रदेश के प्रमुख विकास केंद्र के रूप में उभरेगा. हाल ही में केडीए के उपाध्यक्ष, चीफ टाउन प्लानर और अन्य अधिकारियों ने चयनित गांवों का दौरा किया था. इस दौरान जमीन की स्थिति, कनेक्टिविटी और विकास की संभावनाओं का आकलन किया गया. सर्वे के आधार पर यह तय किया जा रहा है कि किस क्षेत्र में कौन सा प्रोजेक्ट सबसे अधिक प्रभावी रहेगा.
पहले चरण में खरीदी जाएगी 4 गांवों की जमीन
मनोज कुमार ने बताया कि अगले दो से तीन महीनों के भीतर पहले चरण के लिए तीन से चार गांवों की जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जमीन अधिग्रहण और खरीद पूरी होने के बाद विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे. ग्रेटर कानपुर योजना के तहत कुल 5 हजार एकड़ क्षेत्र में विकास किया जाएगा. यहां आधुनिक सड़कें, पार्क, व्यावसायिक क्षेत्र, संस्थान और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे कानपुर के बढ़ते शहरी दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी.
16 हजार करोड़ का निवेश
केडीए की योजना के अनुसार, ग्रेटर कानपुर में आम लोगों के लिए 10 से 12 हजार आवासीय और व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाएंगे. इन भूखंडों का आकार 112 वर्गमीटर से लेकर 300 वर्गमीटर तक होगा, ताकि अलग-अलग आय वर्ग के लोग यहां अपना घर या कारोबार स्थापित कर सकें. पूरी परियोजना पर लगभग 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह योजना केडीए के मास्टर प्लान का हिस्सा है और इसे कानपुर के भविष्य के विकास की सबसे बड़ी परियोजनाओं में माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ग्रेटर कानपुर विकसित होने के बाद न केवल कानपुर बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को भी बेहतर आवास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा. आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र प्रदेश के सबसे आधुनिक शहरी केंद्रों में शामिल हो सकता है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें