20 घंटे काम, एक वक्त खाना.. फैक्ट्री से छुड़ाए गए मजदूरों ने सुनाई कहानी
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक फैक्ट्री से पुलिस ने 12 मजदूरों को रेस्क्यू किया है. पीड़ितों का आरोप है कि उनसे 20 घंटे तक काम कराया जाता था, दिन में केवल एक बार खाना दिया जाता था, मोबाइल रखने की मनाही थी और विरोध करने पर डंडों से पीटा जाता था. मामले में फैक्ट्री मालिक समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच जारी है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक फैक्ट्री से छुड़ाए गए 12 मजदूरों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था. पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें दिन में सिर्फ एक बार खाना दिया जाता था, इतना ही नहीं उन्हें डंडों से पीटा जाता था और मोबाइल तक रखने की अनुमति नहीं थी.
इन मजदूरों में से एक 24 वर्षीय दिशाद हुसैन ने बताया कि करीब चार महीने पहले उनके दोस्त ने बेहतर नौकरी का झांसा देकर उन्हें वहां भेजा था. शुरुआती कुछ हफ्तों तक उन्होंने परिवार से बात की, लेकिन बाद में अचानक उनका संपर्क टूट गया.
दिशाद के पिता मेहरबान ने बताया कि जब बेटे से संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्होंने पहले स्थानीय स्तर पर तलाश की. इसके बाद पुलिस की मदद ली. आखिरकार उत्तर प्रदेश पुलिस और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सभी मजदूरों को मुजफ्फरनगर की एक फैक्ट्री से मुक्त कराया गया.
20-20 घंटे कराया जाता था काम
मजदूरों का कहना है कि उनसे रोजाना 20 घंटे तक काम कराया जाता था. इसका विरोध करने पर उनकी डंडों से पिटाई की जाती थी. उन्हें ठीक से खाना भी नहीं मिलता था और फैक्ट्री से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी.
मोबाइल और बाहर जाने पर रोक
पीड़ितों के अनुसार, फैक्ट्री में मोबाइल फोन रखने पर पूरी तरह प्रतिबंध था. उन्हें परिवार से संपर्क करने की भी अनुमति नहीं थी. कई मजदूर महीनों तक अपने घरवालों से बात नहीं कर पाए.
पुलिस ने 12 मजदूरों को कराया मुक्त
पुलिस ने फैक्ट्री पर छापा मारकर 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला. मजदूर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अलग-अलग जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
फैक्ट्री मालिक समेत कई लोगों पर केस दर्ज
फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री मालिक और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. मुख्य आरोपी अंकित साहू सहित अन्य लोगों के खिलाफ मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी, गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखने और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें