‘हाईटेक शहर का ये हाल’, ग्रेटर नोएडा में नाले खुले, सड़कों पर गहरे गड्ढे
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Greater Noida Ground Report : ग्रेटर नोएडा के डेल्टा मेट्रो स्टेशन के आसपास सर्विस रोड की बदहाल स्थिति चिंता का सबब बन गई है. स्थानीय निवासी सुभाष भाटी लोकल 18 से कहते हैं कि डेल्टा मेट्रो स्टेशन के दोनों ओर की सर्विस रोड लंबे समय से जर्जर हालत में है. बारिश के दौरान सड़क पर डेढ़ से दो फीट तक पानी भर जाता है, जिससे गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं. प्रोफेसर आरबी सिंह कहते हैं कि शहर को हाईटेक और आधुनिक बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. प्राधिकरण कार्यालय से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर ये हालत प्रशासनिक दावों की सच्चाई बयान करती है. चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिल अग्रवाल ने बताया कि कई बार कारों का निचला हिस्सा सड़क से टकरा जाता है.
ग्रेटर नोएडा. दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के डेल्टा मेट्रो स्टेशन के आसपास सर्विस रोड की बदहाल स्थिति परेशानी और चिंता का सबब बन गई है. सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे, खुले नाले और जलभराव की समस्या सवाल खड़े कर रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने और समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. स्थानीय निवासी सुभाष भाटी ने लोकल 18 को बताया कि डेल्टा मेट्रो स्टेशन के दोनों ओर की सर्विस रोड लंबे समय से जर्जर हालत में है. सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं. यदि कोई बच्चा, बुजुर्ग या पशु इनमें गिर जाए तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है.
समस्याओं से जूझ रहे
सुभाष के मुताबिक, बारिश के दौरान सड़क पर डेढ़ से दो फीट तक पानी भर जाता है, जिससे गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है. सुभाष ने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की (एसीईओ) लक्ष्मी वीएस को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है. उनका कहना है कि क्षेत्र के निवासी लगातार समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं.
चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनका कार्यालय गैलेरिया मॉल में है और उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष पहले क्षेत्र में एक विला खरीदा था. लगभग आठ महीने से यहां रहने के बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. पूरी सड़क गड्ढों से भरी हुई है, जिसके कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं. कई बार कारों का निचला हिस्सा सड़क से टकरा जाता है, जबकि दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं. डेल्टा मेट्रो स्टेशन के आसपास हेमिस्फीयर, सन ट्वाइलाइट सहित कई बड़ी आवासीय परियोजनाएं मौजूद हैं. इसके अलावा क्षेत्र में कई बड़े मॉल, स्टोर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं. इसके बावजूद सड़कों की ऐसी स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है. उनका कहना है कि खराब सड़कें न केवल लोगों की आवाजाही को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि जलभराव और गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है.
पर्याप्त ध्यान नहीं
स्थानीय निवासी प्रोफेसर आरबी सिंह ने कहा कि डेल्टा मेट्रो स्टेशन के नीचे और दोनों ओर की सर्विस लेन की हालत बेहद खराब है. सड़क पर इतने गहरे गड्ढे हैं कि वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है. शहर को हाईटेक और आधुनिक बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. प्राधिकरण कार्यालय से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस क्षेत्र की हालत प्रशासनिक दावों की सच्चाई बयान करती है. प्रोफेसर सिंह ने कहा कि शहर में बड़े-बड़े मॉल, महंगी आवासीय परियोजनाएं और आधुनिक सुविधाओं की बात की जाती है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. उनका आरोप है कि अधिकारी केवल योजनाओं और विकास के दावे करते हैं, जबकि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
क्या-क्या मांगें
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मुद्दा नया नहीं है. करीब 20 दिन पहले भी सड़कों और खुले नालों की समस्या को लेकर आवाज उठाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है. यदि जल्द मरम्मत कार्य नहीं कराया गया और खुले नालों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि डेल्टा मेट्रो स्टेशन के आसपास की सर्विस रोड की तत्काल मरम्मत कराई जाए, खुले नालों को ढका जाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें