धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर यूपी में कौन क्या बोला? नेताओं का कैसा रिएक्शन

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर यूपी में कौन क्या बोला? नेताओं का कैसा रिएक्शन


धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: NEET पेपर लीक को लेकर पिछले 36 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी धरने पर बैठी थी. CJP के चीफ अभिजीत दिपके लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. वहीं आज शनिवार को एक बड़ी खबर सामने आई कि धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. अब भाजपा से लेकर विरोधी दल की पार्टियों के बयान सामने आए है. आइए जानते हैं इस्तीफे के बाद कौन क्या कह रहा है. किस नेता का रिएक्शन क्या है.

अपडेट

राहुल गांधी की बातों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता- पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह
शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राहुल गांधी की तल्ख टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘मुझे लगता है कि राहुल गांधी की बातों को कोई भी देशवासी गंभीरता से नहीं लेता है. हर विषय पर उनकी तल्ख टिप्पणी अलोकतांत्रिक टिप्पणी बहुतायत मात्रा में देखने को मिल जाती है. पता नहीं ये विपक्ष सत्ता में आने को बेताब है इसके लिए भारत की समृद्धि, भारत की प्रगति, भारत की ताकत, भारत का हर क्षेत्र में बढ़ता हुआ परचम, हर क्षेत्र में नई-नई उपलब्धि देता हुआ भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में उभरता दमकता भारत, इनको नजर नहीं आ रहा है.’

बसपा सुप्रीमो मायावती का एक्स पर पोस्ट

देश के छात्रों व युवाओं केे आंदोलन के चलते आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता. हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जंतर-मंतर पर शांतिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लड़के-लड़कियों पर बर्बरतापूर्वक लाठी, डंडों आदि से चोट पहुंचाई है जिससे ये बड़ी संख्या में गंभीर रूप से घायल हुए, उनपर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए. और ख़ास तौर से जिन पुरूष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के साथ बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी की और बल प्रयाग किया, उनको चिन्हित करके, उनके खिलाफ अनुशासनिक एवं क्रिमनल केस चला कर सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिये, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घिनौनी हरकत करने की कोई हिम्मत ना कर सके. इसके साथ-साथ, सरकार को आन्दोलन कर रहे छात्रों व युवाओं के ख़िलाफ जो भी FIR या complaint दायर की गई है, उन सभी को वापस ले लिया जाये, जिससे इनको आगे चलकर थानों व कोर्ट कचहरी के चक्कर ना काटने पड़े और इस वजह से उनका भविष्य भी खराब ना हो, जिससे फिर देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बन सके. मेरा सभी आन्दोलनकारियों से यह कहना है कि वो इस मामले में किसी भी पार्टी को उनके इस संघर्ष का राजनीतिकरण ना करने दें तथा अपने भविष्य को भी ख़राब ना होने दें.

अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद क्या बोले
अवधेश प्रसाद ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत है. यह छात्रों और युवाओं की जीत है. सरकार को अड़ियल रुख छोड़कर झुकना पड़ा. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक छात्रों के साथ रही. अब हमारी पार्टी राम मंदिर मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाएगी. इसे लेकर हर जिले में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है. हमारे सांसद अखिलेश यादव ने मुद्दा उठाया था अब पार्टी इसे सदन में उठाएगी. यह लोकतंत्र, युवाओं और छात्रों की जीत है.

देर आए दुरुस्त आए- कांग्रेस सांसद किशोरी लाल
अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पूरे विपक्ष की और स्टूडेंट की जीत हुई है. उन्होंने आगे कहा कि एक राइट कॉज के लिए आंदोलन किया था. छात्रों के प्रोटेस्ट को इंडिया एलायंस समर्थन दे रहा था. उन्होंने कहा कि सरकार को ये काम पहले कर देना था, न बच्चे घायल होते न और चीजें होती, देर आये दुरुस्त आये कह सकते हो.

हर युवा पीएम मोदी को अभिभावक- बृजेश पाठक
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने न्यूज18 पर एक्सक्लूसिव बातचीत की. बृजेश पाठक बोले कि हमारी सरकार युवाओं के साथ खड़ी है. पीएम मोदी युवाओं को सीधे संबोधित किया, देश का हर युवा पीएम मोदी को अभिभावक के तौर पर मानता है.

युवाओं को पीएम मोदी पर भरोसा – ओमप्रकाश राजभर
सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर न्यूज18 से बातचीत की. ओपी राजभर बोले हमारी सरकार युवाओं के साथ है, पीएम मोदी पर युवाओं को भरोसा है. उन्होंने आगे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से यह बात साफ़ है कि युवाओं की सभी मांगे मान ली गईं.

जंग लंबी थी लेकिन कामयाबी मिली- जियाउर्रहमान बर्क
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जियाउर्रहमान बर्क का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जंग लंबी थी लेकिन कामयाबी मिली. यह कामयाबी देश के लाखों करोड़ों उन छात्रों को समर्पित है जिन्होंने लगातार संघर्ष करके सरकार को झुकाने का काम किया. यह देश लोकतंत्र और संविधान से चलेगा, सरकार की हठ धर्मी से नहीं चलेगा. देश के करोड़ों छात्र और युवाओं मुबारकबाद देता हूं कि उनके आगे सरकार को झुकना पड़ा. उन्होंने आगे कहा कि सपा डेलिगेशन ने डीएम को ज्ञापन दिया है, जो यह आदेश हुआ है वह गलत हुआ है. इस फैसले को निरस्त करना चाहिए. कोई कमी है तो बैठकर समाधान करना चाहिए. उस समय गांव ग्राम पंचायत में आता था,नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं पड़ती थी. अगर कोई कमी है तो इसको राजनीति के हिसाब से उसको नहीं देखना चाहिए.

पेपर लीक की घटना दुखद- धनंजय सिंह
गोंडा से पूर्व सांसद धनंजय सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि केंद्र में या राज्य में पेपर लीक की घटना दुखद है. पेपर लीक से परीक्षार्थियों में निराशा होती है. इस्तीफा किसी समस्या का समाधान नहीं है. केंद्र सरकार को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर मास्टर प्लान बनाना चाहिए. पिछले 35 सालों में कभी CDS या NDA का पेपर लीक नहीं हुआ. परीक्षा आर्मी को हैंड ओवर कर देनी चाहिए. छात्रों की मांग पर इस्तीफा हो गया. मेरी मांग है कि सरकार नीति बनाए ताकि पर्चा लीक ना हो. इस्तीफों से काम नहीं चलने वाला है. अंत भला तो सब भला सरकार जनता के सामने झुकी है. सरकार को बधाई देता हूं की जनता का सम्मान किया गया. केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को बैठकर तय करना होगा. लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना गलत नहीं है. सरकार अपनी है उससे संयम रखकर सवाल पूछना जायज है. सरकार की जवाबदेही है और जनता को जवाब देना चाहिए.



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