बृजभूषण शरण सिंह के लिए बड़ी राहत, महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में हुए बरी
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Brij Bhushan Sharan Singh News : बृजभूषण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का मामले में अदालत में 1133 दिनों में 127 सुनवाई हुई. 20 जुलाई 2023 से बृजभूषण शरण जमानत पर थे. फैसले से पहले पूरे परिवार सहित बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली में मौजूद थे.आइये जानते हैं डिटेल में..
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह कोर्ट से बरी.
Brij Bhushan Sharan Singh Case Verdict News : गोंडा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के लिए राहत भरी खबर है. महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है. बरी होने के बाद ब्रजभूषण सिंह अदालत से खुशी खुशी बाहर आए. अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद बृजभूषण सिंह ने कहा कि कोर्ट ने मुझे बाइज्जत बरी किया है. मेरे खिलाफ साजिश रची गई थी.
मेरे हाथ में कुछ नहीं : बृजभूषण
इससे पहले अदालत में जाते हुए उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ वही सुनूंगा जो कोर्ट कहेगा. मेरे हाथ में कुछ नहीं है.’ इस केस की अदालत में 1133 दिनों में 127 सुनवाई हुई. 20 जुलाई 2023 से बृजभूषण शरण जमानत पर थे. फैसले से पहले पूरे परिवार सहित बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली में मौजूद थे. फैसला आने के बाद बृजभूषण सिंह के समर्थक कोर्ट में ही जश्न मनाने लगे. वे अदालत के बाहर जश्न मनाने लगे.
यह एक लंबा इंतजार था : करण भूषण
वहीं, बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण ने News18 से बातचीत में कहा कि यह एक लंबा इंतजार था, जिसमें आखिरकार सच्चाई की जीत हुई है. जिस तरह उस समय किसी को दोषी बना दिया गया, उस दौरान एक परिवार पर क्या बीतती है, एक मां पर क्या बीतती है, एक बहन पर क्या बीतती है, इस बारे में किसी ने नहीं सोचा. आज सच्चाई की जीत हुई है, न्याय की जीत हुई है. मैं आपके माध्यम से अदालत और न्याय प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं. इस दौरान उनसे सवाल किया गया कि जब यह पूरा मामला सामने आया था, तब पूरे परिवार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. खासतौर पर बृजभूषण शरण सिंह को लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था और उस समय उनकी नाराजगी की भी चर्चा रही थी. ऐसे कठिन दौर और चुनौतियों को परिवार ने किस तरह देखा और उनका सामना कैसे किया?
दरअसल, यह मामला देश के सबसे चर्चित खेल और कानूनी विवादों में रहा है. इसकी शुरुआत 2023 में हुई थी और अब 3 अगस्त 2026 को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह तथा पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया. 2023 में देश की कई नामी महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए. इनमें कई अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलवान शामिल थीं. आरोप था कि 2016 से 2022 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों, WFI कार्यालय और अन्य स्थानों पर उनके साथ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न हुआ.
जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन
इन आरोपों के बाद पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबा धरना दिया. आंदोलन में प्रमुख पहलवानों ने गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की. मामला राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचा और केंद्र सरकार पर भी दबाव बना. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की.
पुलिस की जांच में क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. 6 महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में आरोप लगाए गए. इनमें यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा भंग करने के उद्देश्य से बल प्रयोग और आपराधिक धमकी जैसी धाराएं शामिल थीं. विनोद तोमर पर भी आपराधिक धमकी का आरोप लगाया गया.
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Sandeep Kumar is a Senior journalist and digital newsroom leader with over 20 years of experience across television, print and digital media. He currently serves as a Senior Assistant Editor at News18 Hindi, le…
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