पति-देवर और बेटे को नहीं दी मिट्टी… मगर अबान की मोहब्बत शाइस्ता की खिंच लाई?
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Shaista Parveen Appear: पिछले तीन सालों से शाइस्ता परवीन फरार चल रही है. ऐसा पहली बार हुआ है कि शाइस्ता जो अपने पति अतीक अहमद, देवर अशरफ और एनकाउंटर में मारे गए बेटे असद को मिट्टी देने तक नहीं आई थी, वह अपने सबसे छोटे बेटे अबान की मोहब्बत में खिंची चली आई. सूत्रों का दावा है कि कसारी-मसारी कब्रिस्तान की टूटी दीवार के रास्ते बुर्का नशीं महिलाओं की भीड़ का फायदा उठाकर शाइस्ता ने अपने बेटे का आखिरी बार दीदार किया.
बेटे की मोहब्बत में खिंची चली आई शाइस्ता परवीन?
Shaista Parveen Latest News: उमेश पाल हत्याकांड में फरारी काट रही शाइस्ता परवीन के अपने छोटे बेटे की मिट्टी शामिल होने का दावा किया जा रहा है. शाइस्ता शनिवार की शाम अपने सबसे छोटे बेटे अबान के जनाजे में शामिल होने कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंची थी. 50 हजार रुपये की इनामी शाइस्ता परवीन जो गिरफ्तारी की डर से अपने पति, बेटे असद और देवर अशरफ अहमद के जनाजे में नहीं गई, वह अपने छोटे बेटे की मोहब्बत में पुलिस को चकमा देकर कब्रिस्तान तक खिंची चली आई.
दरअसल, उमेश पाल हत्याकांड में नामजद होने के बाद से ही शाइस्ता परवीन पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में है. वह पिछले तीन सालों से फरार चल रही है. यूपी एसटीएफ ने 13 अप्रैल 2023 को झांसी में एक मुठभेड़ के दौरान उसके बेटे असद अहमद को मार गिराया था, जो उमेश पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी था. उस वक्त भी शाइस्ता ने अपने एनकाउंटर वाले बेटे असद को मिट्टी नहीं दी थी. इसके अलावा, जब पति अतीक अहमद और देवर अशरफ की सरेआम हत्या हुई, तब भी वह उनकी कब्र पर नहीं पहुंची थी. लेकिन छोटे बेटे अबान की दर्दनाक मौत से वह खुद को रोक नहीं पाई.
बुर्का नशीं महिलाओं के बीच पहुंची शाइस्ता
मीडिया सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिल रही है कि कसारी-मसारी कब्रिस्तान में पुलिस फोर्स की भारी तैनाती के बावजूद शाइस्ता वहां पहुंचने में कामयाब रही. बताया जा रहा है कि कब्रिस्तान में जिस जगह अबान को दफन किया जा रहा था, वहां पुलिस का सख्त पहरा नहीं था और केवल परिवार के साथ जानने वाले लोग ही मौजूद थे. सूत्रों ने यह दावा किया है कि कब्रिस्तान के पीछे की दीवार का एक हिस्सा टूटा हुआ था और उसी रास्ते से बड़ी संख्या में बुर्का नशीं औरतें अंदर दाखिल हुई थीं. इन्हीं बुर्के वाली महिलाओं की भीड़ में शाइस्ता भी शामिल थी.
पीछे के टूटी दीवार का उठाया फायदा
इस पूरी घटना के दौरान पुलिस फोर्स और खुफिया विभाग की टीम कब्रिस्तान के मुख्य द्वार (मेन गेट) पर ही मुस्तैदी से तैनात रही. पुलिस का पूरा फोकस गेट पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर था. इसी बात और बड़ी संख्या में आई औरतों की भीड़ का फायदा उठाते हुए शाइस्ता परवीन ने अपने जिगर के टुकड़े का आखिरी दर्शन कर लिया. पुलिस को भनक तक नहीं लगी कि उनकी आंखों के सामने से 50 हजार की इनामी महिला आई और बेटे को विदाई देकर चुपचाप वहां से सुरक्षित वापस लौट गई.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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